9 डिग्री तक गिरा पारा, घने कोहरे ने थामा जनजीवन; चौक-चौराहों पर ठिठुरते दिखे लोग
Highlights:
- चतरा जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरा
- घने कोहरे से विजिबिलिटी बेहद कम, वाहन चालकों को जलानी पड़ी हेडलाइट
- कड़ाके की ठंड के बावजूद जिला प्रशासन ने नहीं की अलाव की व्यवस्था
- स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
- ग्रामीणों और राहगीरों में प्रशासन के प्रति नाराजगी
विस्तार :
चतरा- चतरा जिले में ठंड ने अब लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह पूरा जिला घने कोहरे की मोटी चादर में लिपटा नजर आया। हालात ऐसे रहे कि कुछ मीटर की दूरी पर भी देख पाना मुश्किल हो गया। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन ठप सा पड़ गया है।
सुबह-सुबह सड़कों पर निकले वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के कारण स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित नजर आए। ठंड से राहत पाने के लिए लोग शहर की चाय दुकानों पर जमा होते दिखे, जहां चाय की चुस्कियों के सहारे लोग खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, जिले का न्यूनतम तापमान 9 से 10.2 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इतनी भीषण ठंड के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर आग जलती नहीं दिखी। मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन की सुस्ती पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि सुबह 9 बजे तक भी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और गरीब, बुजुर्ग व मजदूर ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों और शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जाए, ताकि राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंदों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल सके। अब देखना यह है कि बढ़ती ठंड और जनता की नाराजगी के बाद प्रशासन कब नींद से जागता है और राहत के इंतजाम करता है।
