यूपी–गुजरात–झारखंड में कफ सीरप सिंडीकेट पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, रांची के शैली ट्रेडर्स सहित कई व्यापारियों पर शिकंजा
Highlights:
- ईडी की देशभर के 25 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी
- रांची के शैली ट्रेडर्स, व्यापारी शुभम जयसवाल और उनका तुपुदाना गोदाम जांच के दायरे में
- छापेमारी में UP, Gujarat, Jharkhand के व्यापारियों और CA विष्णु अग्रवाल के ठिकाने शामिल
- कोडीन युक्त कफ सिरप की सिंडीकेट सप्लाई चेन को तोड़ने की कोशिश
- लखनऊ में पहले हुई कार्रवाई में भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद
- कई आरोपी गिरफ्तार, कुछ अभी भी फरार
विस्तार :
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जानलेवा कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री और सप्लाई नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए शुक्रवार सुबह 7 बजे से देशभर में 25 ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह छापेमारी झारखंड, उत्तर प्रदेश और गुजरात के बड़े शहरों में एकसाथ शुरू की गई।
रांची में शैली ट्रेडर्स पर छापा
रांची में ईडी की टीम ने शैली ट्रेडर्स और झारखंड के व्यापारी शुभम जयसवाल के तुपुदाना स्थित गोदाम तथा आवास पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, रांची के शैली ट्रेडर्स के माध्यम से झारखंड में इस कफ सिरप का बड़ा अवैध कारोबार चलता था, जिसकी वार्षिक वैल्यू 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।सिंडीकेट से जुड़े व्यापारियों के अलावा CA विष्णु अग्रवाल के ठिकानों को भी ईडी की टीम ने जांच के दायरे में लिया है।
यूपी, गुजरात और झारखंड में ईडी की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई
ईडी ने लखनऊ, वाराणसी, अहमदाबाद, जौनपुर, सहारनपुर और रांची में एक साथ टीम भेजकर कई ठिकानों पर दस्तावेज और डिजिटल डेटा खंगाला। लखनऊ में आरोपी आलोक सिंह के आवास और प्रतिष्ठान पर भी छापा मारा गया।
पहले भी लखनऊ में भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद
इससे पहले 11 अक्टूबर को लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में कफ सिरप और नशीली दवाओं की कालाबाजारी का बड़ा रैकेट पुलिस ने पकड़ा था। संयुक्त छापेमारी में दीपक मानवानी नामक युवक के घर से भारी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप, टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन बरामद किए गए थे। पूछताछ में दीपक ने बताया था कि वह ये दवाएं सूरज मिश्र और प्रीतम सिंह से खरीदता था, जिसके बाद दोनों को भी गिरफ्तार किया गया। इस केस में एक आरोपी आरुष सक्सेना अभी भी फरार है।
सिंडीकेट की पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल
ईडी की जांच का मुख्य फोकस—
- कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री का नेटवर्क
- सप्लाई चेन में शामिल फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस
- संबंधित व्यापारियों और एजेंसियों के बैंक रिकॉर्ड
- नशीली दवाओं की अवैध ट्रांसपोर्टेशन
ईडी को शक है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय नशा माफिया से भी जुड़ा हो सकता है।
