स्वर्णरेखा–खरकई नदी प्रबंधन को लेकर सदन में उठा मुद्दा, सरकार ने बताया दो वर्षों में 62 शहरों की बनेगी नदी प्रबंधन योजना
Highlights :
- सरयू राय के अभिस्ताव पर सरकार का विस्तृत जवाब
- नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा पांच राज्यों में नदी प्रबंधन योजना
- झारखंड के रांची, धनबाद, चास, आदित्यपुर, साहेबगंज/राजमहल पहले चरण में शामिल
- 14 शहरों के लिए चरणबद्ध तरीके से बनाया जाएगा अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP)
- NIUA और अल्लुवीयम इंडिया को परामर्शी संस्था के रूप में नियुक्त किया गया
- स्वर्णरेखा व खरकई नदी प्रबंधन योजना सार्वजनिक करने की मांग
विस्तार :
झारखंड सरकार ने विधानसभा में बताया कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) द्वारा गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, पुनरुद्धार और सतत प्रबंधन के उद्देश्य से अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मिशन के तहत अगले दो वर्षों में पाँच राज्यों के 62 शहरों का नदी प्रबंधन प्लान तैयार होना है।
पहले चरण में झारखंड के 5 शहर
प्रथम चरण में झारखंड के रांची, धनबाद, चास, आदित्यपुर और साहेबगंज/राजमहल का चयन किया गया है, जहां यूआरएमपी तैयार किया जाएगा। सरकार ने बताया कि इसके लिए राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA), नई दिल्ली और नॉलेज पार्टनर के रूप में अल्लुवीयम इंडिया को नियुक्त किया गया है।
सरयू राय का अभिस्ताव
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने सदन में अभिस्ताव देकर मांग की थी कि—
- स्वर्णरेखा और खरकई नदी के लिए तैयार की गई योजनाओं को सार्वजनिक किया जाए
- आरसीए (River City Alliance) के अनुरूप तैयार एक्शन प्लान-2026 को लागू करने में तेजी लाई जाए
- रांची व जमशेदपुर के नदी प्रबंधन प्लान को प्राथमिकता दी जाए
सरकार ने सदन में कहा कि प्रक्रिया जारी है और चरणबद्ध तरीके से सभी चयनित शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
आगे 14 शहरों का भी बनेगा मास्टर प्लान
सरकार ने जानकारी दी कि झारखंड के 14 शहर पहले से ही रिवर सिटी एलायंस के सदस्य हैं। इनमें शामिल हैं- रांची, धनबाद, देवघर, आदित्यपुर, चास, मेदिनीनगर, मानगो, गिरिडीह, जमशेदपुर अक्षेस, साहेबगंज, राजमहल, जुगसलाई, फुसरो और चिरकुंडा। इन सभी शहरों का मास्टर प्लान चरणबद्ध रूप से तैयार किया जाएगा।
