धान खरीद में देरी और MSP बढ़ोतरी की मांग पर विधानसभा के बाहर विपक्ष का हंगामा, सरकार ने कहा—किसानों से किया वादा पूरा होगा।
Highlights :
- धान खरीद में विलंब को लेकर एनडीए विधायकों का दूसरा दिन भी प्रदर्शन
- किसानों को 3200 रु/क्विंटल देने के वादे पर सरकार पर तंज
- सरकार ने तय किया 2450 रु/क्विंटल, विपक्ष बोला—किसानों के साथ धोखा
- धान खरीद में देरी से किसान बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
- ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह ने कहा—बेस वाइज बढ़ेगी कीमत
- किसानों को एकमुश्त भुगतान का सरकार का बड़ा फैसला
विस्तार:
सदन के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन जारी
झारखंड विधानसभा के बाहर धान खरीद में हो रही देरी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कम दर को लेकर आज भी एनडीए विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा, आजसू और विपक्षी गठबंधन के अन्य सदस्यों ने सरकार पर किसानों से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि चुनाव के दौरान सत्ताधारी दलों ने किसानों से धान का समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था। लेकिन वर्तमान में राज्य सरकार केवल 2450 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य दे रही है, जो किसानों के साथ गंभीर धोखा है।
उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीद में लगातार देरी हो रही है, जिसके कारण किसान मजबूरी में अपना धान बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेचने के लिए विवश हो गए हैं।
सरकार की सफाई—”किसानों से वादा निभाया जाएगा”
विपक्ष के आरोपों के जवाब में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पाण्डेय ने कहा कि सरकार किसानों से किए हर वादे को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि—
- बेस वाइज धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की प्रक्रिया जारी है।
- सरकार किसानों को एकमुश्त भुगतान देने का बड़ा निर्णय ले चुकी है।
- धान खरीद से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
