Saturday, March 7, 2026
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चतरा में दस्तावेज नवीस संघ की हड़ताल 11वें दिन जारी, रजिस्ट्री कार्य ठप — राजस्व को भारी नुकसान

निबंधन पदाधिकारी के कामकाज पर नाराज़ दस्तावेज नवीस — रजिस्ट्री बंद, जनता परेशान और सरकार को राजस्व नुकसान

Highlights :

✔ दस्तावेज नवीस संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल 11वें दिन भी जारी
✔ रजिस्ट्री कार्य ठप, आम लोगों को परेशानी
✔ रोजाना लाखों का राजस्व नुकसान
✔ नवीस संघ ने निबंधन पदाधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाया
✔ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप

विस्तार:

चतरा जिले में दस्तावेज़ नवीस संघ का अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 11वें दिन भी जारी रहा। जिला निबंधन पदाधिकारी की कार्यशैली से नाराज संघ के सदस्य अपने काम से दूर हैं, जिसके चलते जिले में जमीन रजिस्ट्री पूरी तरह ठप है। लगातार जारी हड़ताल के कारण जरूरतमंद लोग भूमि एवं संपत्ति रजिस्ट्री कराने के लिए दफ्तरों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं रजिस्ट्री प्रक्रिया बाधित होने से सरकारी राजस्व को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आ रही है।

पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामस्वार्थ सिंह ने आरोप लगाया कि निबंधन पदाधिकारी जानबूझकर रजिस्ट्री कार्य में बाधा डालते हैं। उनका कहना है कि “ये न तो हाई कोर्ट के आदेश मानते हैं और न ही सुप्रीम कोर्ट के।” उन्होंने बताया कि सीएनटी एक्ट के तहत शामिल जमीन की रजिस्ट्री जो 25 जनवरी 2012 तक हो चुकी है और उसका नामांतरण भी हो गया है, उसे भी अधिकारी रजिस्ट्री से इंकार कर रहे हैं।

‘खतियान मान्यता से इंकार’- संघ का आरोप

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि 100 वर्ष पुराने और नष्ट हो चुके खतियान, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट और कम्प्यूटरीकृत किया गया है, उन्हें भी अधिकारी स्वीकार नहीं कर रहे, जिससे कार्य रुका हुआ है।

“ऐसे पदाधिकारी के रहते काम नहीं करेंगे”- संघ का ऐलान

रामस्वार्थ सिंह ने कहा कि इस मनमानी और बाधा उत्पन्न करने वाली व्यवस्था के रहते संघ रजिस्ट्री कार्य नहीं करेगा।  उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक समाधान नहीं निकलता, हड़ताल जारी रहेगी।

जनता परेशान — राजस्व प्रभावित

हड़ताल से जिले में रजिस्ट्री का पूरा काम बंद है।

  • किसान,
  • खरीदार,
  • विक्रेता
    सभी को लौटना पड़ रहा है। उधर सरकार को लाखों की आय प्रतिदिन ठप पड़ी है। अब निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार की कार्रवाई पर हैं।  क्या वार्ता होगी? क्या समाधान निकलेगा?  जनता का इंतजार जारी है।
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