Sunday, April 26, 2026
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लातविया में बढ़ी पुरुषों की कमी, महिलाएं ‘किराए का पति’ बुलाने को मजबूर, घरेलू कामों के लिए बनी खास सर्विस

लातविया में लैंगिक असंतुलन के चलते ‘हसबैंड फॉर एन आवर’ सेवा तेजी से लोकप्रिय — महिलाएं घरेलू कामों, मरम्मत, सुरक्षा और सहायता के लिए पुरुष किराए पर बुला रही हैं

Highlights:

 ✔️ महिलाओं की तुलना में पुरुष 15.5% कम
✔️ ‘एक घंटे का पति’ सेवा — घर के काम करवाने के लिए पुरुष बुलाया जाता है
✔️ प्लंबिंग, फर्नीचर, टीवी इंस्टॉलेशन और रिपेयर तक की मदद
✔️ महिलाएं पार्टनर की तलाश में विदेश तक जा रही हैं
✔️ सेवा कंपनियों ने दिए नाम — “Men with Golden Hands”
✔️ 65+ उम्र वर्ग में महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी
✔️ लिंग असंतुलन और सामाजिक बदलाव का संकेत भी माना जा रहा

विस्तार :

यूरोप का छोटा-सा देश लातविया इन दिनों एक अनोखे सामाजिक ट्रेंड के कारण चर्चा में है। दुनिया भर में जनसंख्या असंतुलन पर अक्सर चर्चा होती है, लेकिन लातविया का मामला बाकियों से बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला है। यूरोप का यह छोटा-सा देश आज एक ऐसी सामाजिक स्थिति से जूझ रहा है, जिसने एक अनोखी सेवा को जन्म दिया है — “Husband for an Hour”, यानी एक घंटे के लिए पति। यहां महिलाओं और पुरुषों की आबादी में भारी अंतर है। आंकड़ों के अनुसार, लातविया में हर 100 महिलाओं के मुकाबले केवल लगभग 84 पुरुष ही मौजूद हैं। साथ ही, महिलाओं की औसत आयु पुरुषों से करीब 10 वर्ष अधिक होती है।

समस्या को और बढ़ाने वाली बात यह है कि देश की बड़ी संख्या में पढ़ी-लिखी और युवा महिलाएं विदेशों में बस जाती हैं, जिससे स्थानीय पुरुषों की कमी और गंभीर हो गई है। परिणामस्वरूप, लातविया में अविवाहित और अकेली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि घर की मरम्मत, छोटे कामकाज और सुरक्षा जैसे कामों के लिए महिलाएं अब “किराए के पति” जैसी सेवाओं पर निर्भर हो रही हैं। यह सेवा आज लातविया के सामाजिक ढांचे की एक दिलचस्प हकीकत बन चुकी है।

यहाँ महिलाएं घरेलू कामों और मरम्मत के लिए “किराए का पति” बुलाती हैं।

क्यों बढ़ा किराए के पति का चलन?

लातविया में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में लगभग 15.5% अधिक है — जो यूरोप के औसत अंतर का तीन गुना है। पुरुषों की कम आयु, विदेश पलायन और महिलाओं का ज्यादा समय तक जीवित रहना इस imbalance का कारण बताया गया।

‘हस्बैंड फॉर एन आवर’ — कैसे देता है सेवा?

यह सेवा मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए बुक की जाती है।
पुरुष 60 मिनट के भीतर घर पहुँचकर —
  नल ठीक करना
  फर्नीचर लगाना
  बिजली का काम
  टीवी इंस्टॉल करना
  घर की पेंटिंग
जैसे छोटे–बड़े कामों को संभालते हैं।सेवा कंपनियाँ इन्हें “Men with Golden Hands” कहकर प्रमोट करती हैं। सुरक्षा और भावनात्मक सहारे की कमी भी वजह

लातविया की महिलाओं का कहना है —
1 कार्यस्थल से घर तक, हर जगह पुरुषों की कमी महसूस होती है।
2 कई महिलाएं संबंधों और शादी के लिए विदेशों में पार्टनर तलाशने लगी हैं।

समाज में बड़ा बदलाव

पिछले पाँच वर्षों में इस सेवा की मांग तीन गुना बढ़ चुकी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ट्रेंड —
✔ पारिवारिक ढाँचे में बदलाव
✔ बदलते सामाजिक संबंध
✔ महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता
✔ पुरुषों की घटती संख्या
इन सभी का मिश्रित परिणाम है।

क्या यह सिर्फ लातविया तक सीमित है?

नहीं — ब्रिटेन में भी ‘Rent My Handy Husband’ नाम से ऐसी सर्विस चलती है।
जिसमें महिलाएं अपने घर के कामों के लिए पति किराए पर बुक करती हैं।

निष्कर्ष

लातविया में घटते पुरुष अनुपात ने एक अनोखी सामाजिक संरचना को जन्म दिया है। ‘एक घंटे के पति’ की यह सेवा सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि देश में मौजूद सामाजिक असंतुलन और बदलते रिश्तों की हकीकत भी बयां करती है।

 

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