5 दिसंबर तक जिले-दर-जिले मेडिकल दुकानों की सघन जांच — परचे के बिना नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर शिकंजा कसने की तैयारी
Highlights
- नकली और प्रतिबंधित दवाओं पर रोक को लेकर CID सख्त
- हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका बनी कार्रवाई का आधार
- सभी जिलों में ड्रग इंस्पेक्टर व पुलिस की संयुक्त टीम बनेगी
- मेडिकल दुकानों, थोक विक्रेताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स की जांच
- अनियमितता मिलने पर कठोर विधि सम्मत कार्रवाई का आदेश
विस्तृत
रांची- झारखंड में नकली और प्रतिबंधित दवाओं के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। सीआईडी आईजी ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को एक विशेष संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट की याचिका के बाद एक्शन
यह निर्णय झारखंड हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका — W.P (PIL) No 6691/2025 (सुनील कुमार महतो बनाम राज्य व अन्य) के आधार पर लिया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य में अवैध रूप से नकली, नियंत्रित और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री व वितरण में भारी अनियमितताएं हो रही हैं।
क्या होगा अभियान में?
- ड्रग इंस्पेक्टर + जिला पुलिस की संयुक्त टीम गठित की जाएगी
- थोक विक्रेताओं, मेडिकल स्टोर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स की जांच होगी
- स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग दस्तावेज, खरीद-बिक्री रेकॉर्ड मिलान किया जाएगा
- खासकर बिना चिकित्सकीय परामर्श नियंत्रित दवाओं की बिक्री की जांच होगी
अभियान 5 दिसंबर तक चलाया जाना तय किया गया है।
अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई
सीआईडी ने साफ कहा है कि— जहां भी कानून उल्लंघन या गड़बड़ी मिले, वहां विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जांच और कार्रवाई का पूरा रिपोर्ट तत्काल सीआईडी मुख्यालय को भेजना अनिवार्य बनाया गया है।
