चतरा कोर्ट और उपायुक्त कार्यालय परिसर में बिजली मेंटेनेंस के दौरान हादसा, शव लेकर भागने की कोशिश में ठेकेदार पकड़ा गया
HIGHLIGHTS
चतरा कोर्ट और DC ऑफिस में बिजली सुधार कार्य के दौरान पोल से गिरकर मिस्त्री की मौत
घटना के समय सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं थी, ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप
मृतक की पहचान — शिशुपाल कुमार, पिता फागु प्रजापति, निवासी — कुन्नू, बोकारो
घायल को सदर अस्पताल चतरा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
मामला बढ़ता देख ठेकेदार अंतु कुमार अग्रवाल शव को लेकर अस्पताल से फरार होने लगा
सदर थाना प्रभारी की टीम ने पीछा कर वाहन को रोका, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
बिजली विभाग और ठेकेदार की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
चतरा कोर्ट और उपायुक्त कार्यालय परिसर में बिजली मेंटेनेंस कार्य के दौरान सोमवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। बिजली पोल पर काम कर रहे मिस्त्री की मौत ऊँचाई से गिरने के कारण हो गई। हादसा इसलिए हुआ क्योंकि काम के दौरान सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इस वजह से ठेकेदार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों के मुताबिक बिजली मरम्मत का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान मिस्त्री शिशुपाल कुमार, पिता फागु प्रजापति, निवासी — कुन्नू (बोकारो), पोल के ऊपर काम कर रहा था। सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण वह अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सीधे नीचे जमीन पर गिर गया। गिरने पर उसे गंभीर चोटें आईं।
अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के तुरंत बाद शिशुपाल को सदर अस्पताल चतरा लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शव लेकर फरार होने की कोशिश!
हादसे के बाद स्थिति बिगड़ती देख ठेकेदार अंतु कुमार अग्रवाल शव को अस्पताल से बाहर ले जाने लगा, ताकि मामले को दबाया जा सके। लेकिन इसी दौरान किसी ने इसकी सूचना सदर थाना प्रभारी को दे दी।
थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए ठेकेदार की गाड़ी का पीछा किया और उसे रोककर शव को दोबारा अस्पताल लाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अगर ठेकेदार उचित सेफ्टी किट देता तो यह हादसा नहीं होता। बिजली विभाग के मेंटेनेंस कार्य में सेफ्टी किट, बेल्ट और हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन काम के दौरान इनका इस्तेमाल नहीं किया गया।
जांच की मांग तेज
हादसे के बाद लोगों ने ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर बिजली विभाग के ठेकेदारों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।