समाहरणालय परिसर में संविधान दिवस पर DC–SP ने पढ़ी प्रस्तावना, अधिकारियों ने लिया संकल्प
Highlights:
- चतरा समाहरणालय परिसर में संविधान दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित
- DC कीर्तिश्री व SP सुमित कुमार अग्रवाल ने की नेतृत्व
- सभी अधिकारियों-कर्मियों ने मिलकर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी
- संविधान के मूल आदर्शों — न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुता — को दोहराया गया
- DC ने कहा: “ड्यूटी निभाते समय संवैधानिक मूल्यों को सबसे ऊपर रखें”
विस्तार:
चतरा में संविधान दिवस पर विशेष कार्यक्रम
चतरा, 26 नवंबर — संविधान दिवस के अवसर पर आज जिले के समाहरणालय परिसर में एक भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त कीर्तिश्री ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मी मौजूद थे।
DC–SP ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई। DC कीर्तिश्री और SP सुमित कुमार अग्रवाल ने सबसे पहले प्रस्तावना पढ़ी, जिसके बाद उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मियों ने सामूहिक रूप से प्रस्तावना का पाठ दोहराया। इस दौरान परिसर में संविधान के प्रति सम्मान और गर्व का माहौल नजर आया।
संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
संकल्प ग्रहण कार्यक्रम के दौरान सभी ने संविधान में निहित मूल आदर्शों — न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता — के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। DC कीर्तिश्री ने अधिकारियों और कर्मियों से कहा कि शासन-प्रशासन की प्रत्येक जिम्मेदारी निभाते समय संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरि रखना आवश्यक है।
“संविधान हमारा मार्गदर्शक है” – DC कीर्तिश्री
उपायुक्त ने कहा कि भारतीय संविधान सिर्फ शासन प्रणाली का आधार नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों का मार्गदर्शक भी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील करते हुए कहा: “अपने पद से जुड़ी हर जिम्मेदारी निभाते समय संविधान के सिद्धांतों—न्याय, समानता और कर्तव्य—को हमेशा सर्वोच्च स्थान दें।”
अधिकारियों-कर्मियों की बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने संविधान को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया और इसे व्यवहार में लाने का संकल्प लिया।
