Sunday, November 30, 2025
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संविधान गौरव दिवस पर अमर कुमार बाउरी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण, कहा- संविधान को बचाए रखना सभी का दायित्व

संविधान दिवस पर भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प

Highlights:

  • बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण
  • अमर कुमार बाउरी ने संविधान की प्रासंगिकता पर दिया बयान
  • पीएम मोदी द्वारा ‘संविधान गौरव दिवस’ मनाए जाने के निर्णय का उल्लेख
  • संविधान के अधिकारों के उपयोग का आह्वान
  • समाजिक परिस्थिति को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष का बयान

विस्तार :

बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण

संविधान गौरव दिवस के अवसर पर आज पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, भाजपा रांची जिला अध्यक्ष वरुण साहू और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुराना उच्च न्यायालय परिसर स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में संविधान की भूमिका

इस अवसर पर अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को बाबा साहेब ने भारत का संविधान राष्ट्रपति को समर्पित किया था। उन्होंने कहा कि आज भारत लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था पर कायम है, जिसमें संविधान की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान निर्माण के समय भविष्य की चुनौतियों को भी ध्यान में रखा था, इसलिए भारतीय संविधान दुनिया के सबसे मजबूत संविधानों में से एक माना जाता है।

मोदी सरकार द्वारा ‘संविधान गौरव दिवस’ मनाए जाने का निर्णय

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने दो दिन का विशेष सत्र बुलाकर संविधान के महत्व पर चर्चा की थी और इसी क्रम में 26 नवंबर को संविधान गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।

संविधान के अधिकारों के सही उपयोग का आग्रह

उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि संकल्प लेने का दिन है। हर नागरिक को संविधान द्वारा दिए गए अपने अधिकारों का सही और जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए।

समाजिक परिस्थितियों पर टिप्पणी

अपने संबोधन के दौरान बाउरी ने देश की सामाजिक परिदृश्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “देश में जब तक हिन्दू बहुसंख्यक हैं, तब तक संविधान सुरक्षित है; जिस दिन हिन्दू अल्पसंख्यक होंगे, संविधान खतरे में पड़ जाएगा।”

 

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