19 साल बाद राबड़ी देवी का नया सरकारी आवास तय
Highlights:
- 10 सर्कुलर रोड से राबड़ी देवी का 19 साल बाद निवास स्थान बदला गया।
- नेता प्रतिपक्ष के कोटे से नया बंगला: 39 हार्डिंग रोड, पटना।
- लालू परिवार के अन्य सदस्यों के सरकारी आवास में भी परिवर्तन।
- राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव वाले बंगले का अब खाली होना।
विस्तार:
पटना: वह घर, जहां से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने राजनीति की बुनियाद सीखी, और जहां लालू परिवार के कई आयोजन, पारिवारिक समारोह और राजनैतिक बैठकें होती थीं, अब राबड़ी देवी के लिए पराया हो जाएगा। 19 साल बाद उनका सरकारी आवास बदल दिया गया है।
नीतीश सरकार के भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी कर 10, सर्कुलर रोड स्थित पुराने बंगले को खाली करने का निर्देश दिया है। नोटिस के अनुसार राबड़ी देवी और लालू परिवार को तीन महीने के अंदर नया आवास ग्रहण करना होगा।
नया आवास:
राबड़ी देवी को अब पटना केन्द्रीय पुल की आवास संख्या 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया गया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधान परिषद के आवासन हेतु यह नया बंगला कर्णांकित किया जाता है।
भावनात्मक झटका:
10 सर्कुलर रोड का बंगला राबड़ी और लालू परिवार के लिए भावनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यहाँ कई राजनीतिक बैठकें, त्योहार, रणनीतियां और परिवारिक आयोजन होते रहे हैं। विशेषकर मकर संक्रांति पर लालू यादव का दही-चूड़ा कार्यक्रम अब संभव नहीं होगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू:
भवन निर्माण सचिव कुमार रवि ने बताया कि यह बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। नेता प्रतिपक्ष के कोटे में नया आवास प्रदान करना प्रशासनिक निर्णय का हिस्सा है। इसके साथ ही लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को भी उनके सरकारी बंगले से हटना होगा, जो अब नए मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित किया गया है।
इतिहास और संदर्भ:
10 सर्कुलर रोड 2005 से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम आवंटित था और 20 वर्षों तक यह राजनीतिक केंद्र और लालू परिवार का मुख्यालय रहा। महागठबंधन और हाईकोर्ट फैसलों के बाद भी यह बंगला राबड़ी देवी के पास बना रहा। अब नई एनडीए सरकार के प्रशासनिक पुनर्संरचना और मंत्री आवास आवंटन के चलते उनका नया निवास 39 हार्डिंग रोड तय किया गया है।
इस बदलाव के साथ राबड़ी देवी और लालू परिवार का राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव वाला बंगला अब उन्हें छोड़ना होगा, और पटना के लुटियंस जोन में उनके नए सरकारी आवास से निवास करना होगा।
