शहरी निकाय चुनाव को लेकर सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और याचिकाकर्ता के बीच अदालत में लंबी बहस—कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर मांगी स्पष्टता
Highlights :
- पार्षद रोशनी खलखो की अवमानना याचिका पर आज सुनवाई
- कोर्ट ने 04 जनवरी 2024 के आदेश का अनुपालन न होने पर पूछा जवाब
- सरकार ने कहा—चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सारी फाइलें आयोग को सौंप दी गई हैं
- चुनाव आयोग ने कहा—8 सप्ताह तैयारी और 45 दिन मतदान व परिणाम प्रक्रिया में लगेंगे
- आयोग ने कोर्ट में सिलबंद (सीलबंद) रिपोर्ट भी दाखिल की
- हाईकोर्ट ने 30 मार्च 2026 की तिथि अगली सुनवाई के लिए तय की
विस्तार :
रांची नगर निगम सहित सभी शहरी निकायों के चुनाव में हो रही देरी को लेकर दायर अवमानना याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई हुई। यह मामला पार्षद रोशनी खलखो बनाम झारखंड सरकार से संबंधित है।
04 जनवरी 2024 को हाईकोर्ट ने सरकार को तीन सप्ताह में चुनाव कराने की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया था। आदेश का पालन न होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की है।
सरकार ने कहा—सारी प्रक्रिया पूरी, दस्तावेज आयोग को सौंपे
सरकार की ओर से महाधिवक्ता (AG) ने अदालत को बताया कि
- शहरी निकाय चुनाव से जुड़े सभी निर्णय
- आवश्यक अधिसूचनाएं
- और संबंधित दस्तावेज
राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिए गए हैं, और आयोग ने इन्हें विधिवत स्वीकार भी कर लिया है।
आयोग ने कहा—8 सप्ताह तैयारी, 45 दिन चुनाव प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने कोर्ट को बताया कि:
- चुनाव कराने के लिए आठ सप्ताह की तैयारी आवश्यक है
- मतदान एवं परिणाम सहित पूरी प्रक्रिया में 45 दिन लगेंगे
- आयोग ने अपना पक्ष एक शपथपत्र और सिलबंद रिपोर्ट के रूप में कोर्ट में जमा कर दिया है
सिलबंद रिपोर्ट देखने के बाद अदालत ने विस्तृत चर्चा की।

याचिकाकर्ता की दलील—कोर्ट के आदेश का पालन नहीं
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने कहा कि सरकार और आयोग कोर्ट के आदेश का पालन करने में विफल रहे हैं,और चुनाव लगातार टलते जा रहे हैं, जो कि अवमानना की श्रेणी में आता है।
अदालत ने की सुनवाई, अब 30 मार्च 2026 अगली तिथि
जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 मार्च 2026 निर्धारित की है। तब तक अदालत आयोग की प्रगति रिपोर्ट और दस्तावेजों की समीक्षा करेगी।
