सदर अस्पताल में एम्बुलेंस चालकों की मनमानी के खिलाफ प्रशासन सख्त, देर रात अधिकारियों ने की औचक जांच
Highlights :
- समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने की शिकायतों ने बढ़ाई चिंता
- डीसी कृतिश्री के निर्देश पर DDC, SDO की देर रात अस्पताल में एंट्री
- मरीजों से मिले अधिकारी, भोजन, नाश्ता और सफाई व्यवस्था की जांच
- प्रसव कक्ष सहित सभी पंजियों की बारीकी से समीक्षा
- एम्बुलेंस चालकों को सख्त निर्देश, अस्पताल कर्मियों को चेतावनी
चतरा: सदर अस्पताल में एम्बुलेंस सेवा की लचर व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने और चालकों की मनमानी के कारण कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ चुकी है। शुक्रवार को भी एक रेफर मरीज की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए डीसी कृतिश्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देर रात 10 बजे डीडीसी अमरेंद्र प्रताप सिन्हा, एसडीओ सिमरिया सन्नी राज और चतरा एसडीओ जहूर आलम को जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।
अधिकारियों ने अस्पताल में की व्यापक जांच
अधिकारियों के पहुंचते ही अस्पताल परिसर में हलचल बढ़ गई। उन्होंने सबसे पहले एम्बुलेंस व्यवस्था की जांच की और पाया कि मरीजों को समय पर सेवा उपलब्ध नहीं हो रही। अधिकारियों ने मौजूद एम्बुलेंस चालकों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में मरीजों को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा ना करवाएं।
वार्ड में भर्ती मरीजों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मरीजों को मिलने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की भी जांच की गई। उपस्थित एएनएम और जीएनएम को साफ-सफाई से जुड़ी गाइडलाइन और चार्ट का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया।
प्रसव कक्ष व पंजियों की गहन जांच
अधिकारियों की टीम प्रसव कक्ष भी पहुंची और वहां रखी पंजियों की बारीकी से जांच की। इस दौरान प्रभारी डीएस डॉ. आशीष कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रवि रंजन और डॉ. अज़हर समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
