झारखंड हाई कोर्ट की 25वीं सालगिरह का शुभारंभ हाफ मैराथन दौड़ से, कार्यक्रम में न्यायाधीश, अधिवक्ता और अधिकारी हुए शामिल
Highlights:
- झारखंड हाई कोर्ट ने मनाई अपनी सिल्वर जुबली (25वीं वर्षगांठ)
- समारोह की शुरुआत हाफ मैराथन दौड़ से हुई
- कार्यक्रम में चीफ जस्टिस, जज, रजिस्ट्रार और अधिवक्ता शामिल
- झारखंडी पारंपरिक संस्कृति की झलक ने समा बांधा
- जस्टिस अनुभा रावत चौधरी ने कहा — “सबका योगदान झारखंड की उन्नति में आवश्यक”
विस्तार:
झारखंड हाई कोर्ट ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। सिल्वर जुबली समारोह की शुरुआत रविवार को राजधानी रांची में हाफ मैराथन दौड़ से की गई। आयोजन हाई कोर्ट परिसर के गेट नंबर एक के बाहर किया गया, जहां सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। दौड़ में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, रजिस्ट्रार, न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
संस्कृति और सौहार्द की झलक
सिर्फ दौड़ ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम में झारखंड की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। लोक कलाकारों ने नृत्य और गीतों के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान “एकता में शक्ति” का संदेश देते हुए सभी प्रतिभागियों ने झारखंड को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
जस्टिस अनुभा रावत चौधरी का संबोधन
इस अवसर पर जस्टिस अनुभा रावत चौधरी ने कहा- “झारखंड के विकास में हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है। हम सब अपने स्तर पर योगदान देकर झारखंड को देश के नंबर वन राज्य की दिशा में आगे ले जा सकते हैं।”
डेप्युटी रजिस्ट्रार ने जताया आभार
वहीं डेप्युटी रजिस्ट्रार नीलेंदु शरण ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी को धन्यवाद देते हुए कहा- “झारखंड हाई कोर्ट की 25वीं सालगिरह के आगाज़ में सभी का बहुमूल्य योगदान रहा है। यह केवल एक समारोह नहीं, बल्कि हमारी न्यायिक यात्रा का उत्सव है।”
सिल्वर जुबली के तहत होंगे कई कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में सिल्वर जुबली वर्ष के तहत कानूनी जागरूकता अभियान, स्कृतिक कार्यक्रम, न्यायिक सेमिनार और सम्मान समारोह जैसे कई आयोजन किए जाएंगे।
