रांची। जदयू विधायक और झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने मंगलवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार से सारंडा वन को जल्द से जल्द वाइल्डलाइफ सेंचुरी घोषित करने की मांग की। उन्होंने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से बनाई गई समिति पर नाराजगी जताई और कहा कि अब नए अध्ययन की कोई आवश्यकता नहीं है।सरयू राय ने कहा कि सारंडा को लेकर पहले ही कई कमेटियां और अध्ययन रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे लागू करने की दिशा में निर्देश दिए हैं। ऐसे में सरकार को अब बिना देरी किए सारंडा को वाइल्डलाइफ सेंचुरी घोषित कर देना चाहिए।
खनन पर भी जताई चिंता
पूर्व मंत्री ने कहा कि खनन पर पूरी तरह रोक लगाने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन यह केवल राज्य और देश की आवश्यकता तक सीमित होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतें पूरी करने के लिए खनन करना सही नहीं है।
सरकार को दी चेतावनी
सरयू राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समय सीमा के अनुसार सारंडा को सेंचुरी घोषित नहीं किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने यहां तक कहा कि “अगर सरकार देरी करती है, तो मुख्य सचिव को जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
स्थानीय हितों पर ज़ोर
उन्होंने कहा कि सारंडा वन क्षेत्र केवल खनन का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां की जैव-विविधता और पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए इसे संरक्षित करना ज़रूरी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक या औद्योगिक दबाव में आकर निर्णय न ले, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे।
