रांची : आगामी 1 अगस्त से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के सफल और सुचारु संचालन को लेकर आज विधानसभा भवन में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक दलों के नेता उपस्थित रहे।
सत्र आरंभ होने से एक दिन पूर्व आयोजित इस बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और रचनात्मक ढंग से संचालित किए जाने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “यह छोटा सत्र है, हम चाहते हैं कि यह सुचारू रूप से चले और मॉनसून सत्र की सार्थकता बनी रहे।”
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सत्र की अवधि को लेकर असंतोष जताते हुए कहा, “यह सत्र काफी कम दिनों का है और सरकार इसे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। भाजपा विधायक दल की बैठक के उपरांत तय किया जाएगा कि सत्र का किस प्रकार उपयोग किया जाएगा।”
संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुझाव दिया कि मॉनसून सत्र को राज्य के कृषि एवं कृषकों के नाम समर्पित किया जाए, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि 6 अगस्त को प्रश्नकाल और राजकीय विधेयकों की समाप्ति के बाद अतिवृष्टि से हुई भदई फसल, दलहन और तिलहन की क्षति पर सामान्य वाद-विवाद होगा, जिस पर सरकार उत्तर देगी।
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री के इन प्रस्तावों पर सभी सदस्यों ने एकमत से सहमति जताई। अब देखना यह होगा कि छोटा लेकिन महत्वपूर्ण यह सत्र कितनी सुचारुता और प्रभावशीलता के साथ संपन्न होता है।