गिरिडीह : गिरिडीह के पूर्व कांग्रेस विधायक ज्योतिंद्र प्रसाद का गुरुवार की सुबह बक्सीडीह रोड स्थित अपने आवास पर निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार थे।
युवा कांग्रेस से अपनी राजनीतिक कैरियर शुरू करने वाले ज्योतींद्र प्रसाद 1980 तक कद्दावर नेता बन चुके थे | सन 1990 में वह पहली बार कांग्रेस के टिकट से गिरिडीह के सदर विधायक बने |ज्योतींद्र प्रसाद जीवन काल में कई आंदोलन किया माइका मजदूरों की वह आवाज थे। समर्थकों के बीच ज्योतिन दा के नाम से वह लोकप्रिय थे। वर्तमान में उन्होंने झामुमो का दमन थामा था और झामुमो के वरिष्ठ नेता माने जाते थे।
1985 का विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गिरिडीह विधानसभा सीट नहीं मिलने के कारण निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़ा हुए जहां चुनाव में मात खानी पड़ी।
चुनाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपनी गलतियों का एहसास हुआ। इसके बाद हुए 1990 के चुनाव में कांग्रेस ने ज्योतिंद्र प्रसाद को गिरिडीह विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। ज्योतिंद्र प्रसाद ने विधायक ओमीलाल आजाद से गिरिडीह सीट छीनकर कांग्रेस का परचम लहरा दिया। उनके निधन पर सूबे के नगर विकास मंत्री सुदीब्य कुमार सोनू , गांडेय के पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार , पूर्व मंत्री चंद्र मोहन प्रसाद ,कांग्रेस जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह ,कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया सहित जेएमएम ,कांग्रेस, बीजेपी, आजसू , माले के नेता सहित आम जनता ने शोक संवेदना व्यक्त किया।