Sunday, March 15, 2026
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एलआईसी कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई

गिरिडीह  70वे जीवन बीमा व्यवसाय राष्ट्रीयकरण दिवस के अवसर पर बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल गिरिडीह शाखा इकाई के द्वारा एलआईसी कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई । प्रेसवार्ता में मंडलीय संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश, अध्यक्ष संजय शर्मा, मंडलीय  सहायक सचिव अनुराग मुर्मू,  संयुक्त सचिव विजय कुमार, उपाध्यक्ष डेनियल मरांडी उपस्थित थे। बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल के संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि 19 जनवरी 1956 को जीवन बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण की दिशा में पहला कदम उठाया गया तथा 1 सितंबर 1956 को 250 से अधिक देसी विदेशी बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर भारतीय जीवन बीमा निगम की स्थापना की गई थी। अपने स्थापना काल से  ही एलआईसी ने राष्ट्र के आधारभूत संरचना के विकास में अपना अहम योगदान देता आ रहा है। 31 मार्च 2024 तक एलआईसी में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 51 लाख करोड़ रु से अधिक का निवेश किया है। एलआईसी का पूंजी आधार 100 करोड़ है। समाप्त हुए वित्तीय वर्ष2023- 2024 तक एलआईसी की कुल परिसंपत्तियां 53 लाख करोड़ रु के लगभग था। एलआईसी ने अबतक केंद्र सरकार को 31000 करोड़ रु का लाभांश दे चुकी हैं। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय राजकोष  में आयकर, जीएसटी आदि के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ रु का भुगतान करती है। एलआईसी अबतक केंद्र और राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों तथा आवास, बिजली, सड़क, शिक्षा, रेलवे, सिंचाई आदि के लिए 3438000करोड़ रु निवेश किया। एलआईसी 99 प्रतिशत दावों का निपटारा करती है जो विश्व में प्रथम स्थान पर है। 24 वर्षों से अधिक समय तक 23  कंपनियों के साथ कडी प्रतिस्पर्धा के बाद भी एलआईसी का बाजार हिस्सेदारी 70 प्रतिशत लगभग है। एलआईसी प्रत्येक मिनट पर 41 पालिसियां बेचती हैं। तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद बीमाधारकों की संख्या 30 करोड़ से अधिक है जो प्रमाणित करती है कि लोगों का एलआईसी पर अटूट विश्वास है।

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