RANCHI : डीजीपी अनुराग गुप्ता की पहल पर आज से जन शिकायत समाधान कार्यक्रम की शुरुआत हुई. इस कार्यक्रम में झारखंड पुलिस 18 मुख्य मुद्दों पर लोगों की समस्या सुनकर उसका समाधान कर रही है. इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए 21 जिलों में आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है.
इन मुख्य मुद्दों पर पुलिस आम लोगों की सुनेगी समस्या और करेगी समाधान:
- – क्षेत्र से गुमशुदा बच्चों के संबंध में जानकारी प्राप्त करना और मामला दर्ज करना.
- – क्षेत्र में संचालित विभिन्न संस्थाओं में महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त करना.
- – आम जनता को विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के बारे में बताना.
- – नये अपराधिक कानून और जीरो एफआईआर के बारे में जानकारी देना.
- – आम जनता को डायल 112 के बारे में बताना.
- – आम जनता को साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने के बारे में बताना.
- – कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए घटनाओं की जांच पूर्ण करने और ऐसे संभावित घटनाओं की जानकारी प्राप्त करना.
- – क्षेत्र में होने वाले अपराध, अपराधियों की सूचना ,साइबर अपराध की घटना और अवैध रूप से नागरिकों से डिपोजिट प्राप्त करने वाली संस्था चीट-फंड की जानकारी प्राप्त करना.
- – क्षेत्र में सामाजिक मुद्दों के संबंध में जानकारी प्राप्त करना, जिससे भविष्य में विधि व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
- – पुलिस थाना और संबंधित कर्मी होमगार्ड व चौकीदार का नागरिकों के साथ व्यवहार और शिकायतों पर उनके रिस्पॉन्स के संबंध में जानकारी प्राप्त करना.
- – नये कोई विशेष मामले जो उस समय संज्ञान में लाये जायेंगे.
- – ऐसे क्षेत्र जहां मानव तस्करी की घटना घटती है, वहां पर विशेष रूप से मानव तस्करी के पीड़ित के बारे में जानकारी प्राप्त करना और इसमें संलिप्त अपराधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करना.
- – ऐसे क्षेत्र जहां पर डायन प्रथा को लेकर अपराध होते हैं, वहां पर विशेष रूप से डायन से संबंधित अपराध के पीड़ित को आवश्यक सहायता देना और दोषियों पर कार्रवाई करना.
- – ऐसे क्षेत्र जहां पर अफीम की खेती होती है, वहां की जानकारी प्राप्त करना.
- – ऐसे क्षेत्र कहां ब्राउन शुगर की खपत हो रही है, उसकी बारे में और इसमें संलिप्त व्यक्ति की जानकारी जुटाना.
- – ऐसे क्षेत्र (विशेष कर शहरी क्षेत्र) जहां रात में अड्डाबाजी आदि होती है, उसे चिन्हित करने का प्रयास करेंगे. साथ ही किसके द्वारा अड्डेबाजी हो रही है यह जानकारी प्राप्त करेंगे और उसको कैसे रोका जाये इस पर काम करेंगे.
- – डीएसपी या उसके ऊपर स्तर के पदाधिकारी विशेष रूप से उन शिकायतों पर भी ध्यान देंगे, जहां पर अनुसंधानकर्ता ने किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने व किसी दोषी व्यक्ति को बचाने के लिए गलत अनुसंधान किया हो. ऐसे मामलों में सुनिश्चित करेंगे कि पुनः जांच हो और बाद में न्याय हो सके.
- – संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा उपाय यथा सीसीटीवी का लगाना, नागरिक सुरक्षा समिति का गठन के लिए प्रेरित करना.
