गिरिडीह : झारखंड मुक्ति मोर्चा के द्वारा निशिकांत दुबे के व्यक्तव्य जिसने वो झारखंड को बाँटने की साज़िश कर रहे उसके विरोध में गिरिडीह शहरी क्षेत्र के अंटा बंगला से टावर चौक तक विशाल जुलूस विरोध प्रदर्शन के रूप में निकाला गया और केंद्रीय मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष संजय सिंह ने की। जुलूस को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपदस्थ करने का प्रयास विफल हुआ तो निशिकांत दुबे अपना मानसिक संतुलन खो दिये और झारखंड को तोड़ने की बात कहने लगे निशिकांत दुबे को शायद ज्ञान का अभाव है उन्हें मालूम होना चाहिए कि झारखंड राज्य किसी भी अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से नहीं सटता है और अगर फिर भी देश में घुसपैठ हो रहे है और उसका प्रमाण है तो तो नैतिकता के आधार पर उन्हें गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफ़ा माँगना चाहिए उन्हें ये भी ज्ञान होना चाहिए कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर पंद्रह किलोमीटर तक बीएसएफ़ जवानों का पहरा रहता है फिर भी कैसे घुसपैठिए घुसपैठ कर रहा है? इसका साफ़ मतलब है कि विगत दस सालों से भाजपा का शाशन घुसपैठ रोकने में विफल है तो निशिकांत दुबे कब अपने अमित शाह से इस्तीफ़ा माँगेगे?
भाजपा के पास झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव में वोट माँगने के लिये कोई मुद्दा नहीं है तो फिर से हिंदू-मुस्लिम की राजनीति शुरू कर दिया। मगर देश की जनता जागरूक है और इन विभाजनकारी नीतियों का माकूल जवाब देगी।
वही मौके पर अजीत कुमार पप्पू, शहनवाज़ अंसारी, गीता हाजरा, परमीला मेहरा, उषा ठाकुर, दिलीप मंडल, दिलीप रजक, अभय सिंह, प्रधान मूर्मू, फ़रदीन इम्तियाज़ अहमद, रॉकी सिंह, मो० ज़ाकिर, राकेश रंजन, पवन सिंह, शेखर यादव, अशोक राम, अनिल गुप्ता, पप्पू रजक,भरत यादव, अजय कांत झा, शहीद कई झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे।