नई दिल्ली : पाकिस्तान में सेना की मजबूत पकड़ और सत्ता प्रतिष्ठान से उसकी राजनीतिक जुगलबंदी एक बार फिर सतह पर आ गई है। पाकिस्तान की सरकार ने सेना को गिलगित-बाल्टिस्तान सहित कई प्रांतों में ऑपरेशन अजम-ए-इस्तेहकम के माध्यम से एक नए सिरे से सक्रिय और आतंकवाद विरोधी अभियान से निपटने के लिए मंजूरी दी है। इसका पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तहरीक ए इंसाफ पार्टी (पीटीआई) खुलकर विरोध कर रही है। सेना की तरफ से भी पीटीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने सोमवार को देरशाम रावलपिंडी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीटीआई का नाम लिए बिना कहा कि संगठित राजनीतिक माफिया आतंकियों के सफाये और आर्थिक विकास के उद्देश्य से शुरू किए गए एक नए आतंकवाद-रोधी अभियान ‘अज्म-ए-इस्तेहकाम’ के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं ।
इमरान की पार्टी के खिलाफ सेना ने खोला मोर्चा, बताया अवैध राजनीति माफिया
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