रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सिनॉप्टिक विशेषता के अनुसार उत्तर पूर्व असम पर एक चक्रवाती चक्र बना हुआ है। उनका प्रभाव बंगाल की खाड़ी से दक्षिण-पश्चिम बहती हुई नदियां झारखंड की तरफ आ रही हैं। जिस कारण आने वाले दिनों में झारखंड के कई हिस्सों में गर्जन और वर्जपात के साथ-साथ मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिलेगी। वही स्थिति अनुकूल एवं सकारात्मक विशेषता तीन-चार दिनों के बाद देखी गयी। बिहार और बंगाल के साथ-साथ झारखंड में भी आने वाले तीन-चार दिनों के बाद विशेषाधिकार प्रवेश होने की संभावना है।
वही रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाले तीन-चार दिनों में उच्च तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है। पलामू को झारखंड के शेष क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिली है। लेकिन हॉट एंड ह्यूमिडिट वेदर देखने को मिलता है जब तक कि मजाक सेट नहीं करता।