देश में जिस परीक्षा को देने के बाद विद्यार्थी डॉक्टर बनते है वही NEET परीक्षा आज सवालों के घेरे में है। अंधकार में कई छात्रों का भविष्य है। NEET परीक्षा सड़क से होते हुए कोर्ट तक पहुंच गई है। नीट परीक्षा कराने वाली एजेंसी NTA को कटघरे में खड़ा किया गया है। NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी। कोर्ट ने ये भी कहा कि हम काउंसलिंग पर रोक नही लगाएंगे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करके 2 हफ्ते में जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच नीट यूजी के मामले में सुनवाई कर रही है।
MBBS, BDS और अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू होगी। ऐसे में अब छात्रों के पास विकल्प होगा कि वे फिर से परीक्षा देना चाहते हैं या बिना ग्रेस मार्क के काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर NEET-UG 2024 को रद्द करने की मांग करने वाली याचिकाओं सहित सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी।
