स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी बोले-माताओं का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता
Highlights:
👉 11 अप्रैल को मनाया गया सुरक्षित मातृत्व दिवस
👉 NHM और यूनिसेफ के सहयोग से कार्यशाला आयोजित
👉 42 हजार सहिया कार्यकर्ताओं को मिलेंगे टैब
👉 मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार पर विशेष जोर
👉 राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य

विस्तार
राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर रांची में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2003 से कस्तूरबा गांधी की जयंती (11 अप्रैल) को इस दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यशाला में तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें विशेषज्ञों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
माताओं के स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की माताएं और बहनें राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि झारखंड वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं में देश में तीसरे स्थान पर है और सरकार का लक्ष्य इसे पहले स्थान पर पहुंचाना है।
सहिया कार्यकर्ताओं को मिलेगा टैब
डिजिटल सशक्तिकरण के तहत राज्य की 42 हजार सहिया कार्यकर्ताओं को एक माह के भीतर टैब उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर गांव-गांव में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकेंगी।
स्वास्थ्य योजनाओं पर जोर
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके तहत कुपोषण, सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और एनीमिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं यूनिसेफ के स्वास्थ्य अधिकारी वनेश माथुर ने कहा कि झारखंड में मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार हुआ है, लेकिन वैश्विक मानकों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं।
यह कार्यशाला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
