बीजेपी ने कहा-वित्तीय कुप्रबंधन का नतीजा, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Highlights:
👉 11 तारीख तक भी कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन
👉 2.35 लाख सरकारी और 40 हजार संविदा कर्मी प्रभावित
👉 बीजेपी ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया
👉 ट्रेजरी घोटाले की जांच CBI-ED से कराने की मांग
👉 ‘शीश महल’ और महंगे आवास को लेकर सरकार पर निशाना

विस्तार
रांची में आयोजित बीजेपी की प्रेस वार्ता में पार्टी ने झारखंड सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला है। प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है, जिसका असर अब कर्मचारियों के वेतन पर साफ दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि महीने की 11 तारीख हो जाने के बावजूद राज्य के 2 लाख 35 हजार से अधिक सरकारी कर्मियों और करीब 40 हजार संविदा कर्मियों को अब तक वेतन नहीं मिला है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के गलत वित्तीय प्रबंधन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार अब कर्ज लेकर वेतन देने की तैयारी कर रही है।
‘शीश महल’ और आवास पर उठाए सवाल
बीजेपी प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां एक ओर कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर सरकार अपने लिए महंगे भवन और मंत्रियों के लिए करोड़ों के आवास बनवा रही है।
जांच एजेंसी पर भी सवाल
उन्होंने ट्रेजरी घोटाले की जांच सीआईडी से कराने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इतने बड़े मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जानी चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
बीजेपी ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल समाधान निकालने और कर्मचारियों को जल्द वेतन देने की मांग की है।
