संयुक्त औषधालय में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा पद्धति के महत्व पर चर्चा
Highlights:
- विश्व होम्योपैथिक दिवस पर विशेष कार्यक्रम
- डॉ. सैमुअल हैनिमैन को पुष्प अर्पित
- दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
- कम खर्च में प्रभावी इलाज पर जोर
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल

विस्तार
गिरिडीह के संयुक्त औषधालय में विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई, इसके बाद दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस मौके पर डॉ. संजय कुमार चौधरी ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक ऐसी उपचार प्रणाली है, जो कम खर्च में प्रभावी इलाज उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी इस चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा सकता है।
कार्यक्रम में आयुष स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, जिला योग ट्रेनर और अन्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही।इस अवसर पर डॉ. प्रभु कुमार पांडे, डॉ. रविकांत वर्मा, डॉ. पूनम राय समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का उद्देश्य होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाना था।
