3 दिवसीय शिविर में हाथ-पैर के कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मुफ्त, आत्मनिर्भर बनाने की पहल
Highlights:
👉 3 से 5 अप्रैल तक तीन दिवसीय शिविर का आयोजन
👉 दिव्यांगजनों को नि:शुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध
👉 वैशाखी, कैलिपर सहित अन्य उपकरण भी दिए जा रहे
👉 अब तक 50 लोगों का रजिस्ट्रेशन
👉 रोटरी क्लब और महावीर सेवा सदन का संयुक्त प्रयास

विस्तार
“उम्मीद की किरण” से नई शुरुआत
गिरिडीह के बजरंग चौक, मकतपुर स्थित ईश्वर स्मृति भवन में 3 से 5 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर “उम्मीद की किरण” का शुभारंभ हुआ। इस शिविर का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ़ गिरिडीह ग्रेटर और भगवान महावीर सेवा सदन, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
दिव्यांगजनों को मिल रही बड़ी राहत
शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को कटे हुए हाथ और पैर के कृत्रिम अंग नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही वैशाखी, कैलिपर और अन्य सहायक उपकरण भी दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सहूलियत मिल सके।
आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
आयोजकों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाना है। इस पहल के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।
लगातार तीसरे वर्ष आयोजन
रोटरी क्लब द्वारा यह शिविर लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। पिछले वर्षों में भी इस शिविर को काफी सफलता मिली थी और इस बार भी अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
दूर-दराज से पहुंच रहे लाभार्थी
अब तक करीब 50 लोगों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अभी जारी है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग इस शिविर में पहुंचकर लाभ उठा रहे हैं।
सहयोग से सफल आयोजन
इस शिविर को सफल बनाने में कई सदस्यों और विशेषज्ञों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महावीर सेवा सदन, कोलकाता के डॉक्टर कौलिक घौराई और उनकी टीम भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रही है। साथ ही Tufcon TMT का भी विशेष सहयोग मिला है।
कुल मिलाकर, “उम्मीद की किरण” शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में नई रोशनी लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हो रहा है।
