SIT जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया—अंधविश्वास और पारिवारिक साजिश ने ली 13 वर्षीय बच्ची की जान
Highlights:
👉 हजारीबाग के कुसुंभा गांव में मासूम की हत्या का खुलासा
👉 मां, कथित भगतिन और एक अन्य आरोपी गिरफ्तार
👉 अंधविश्वास में “बलि” की साजिश रची गई
👉 पोस्टमार्टम में दुष्कर्म से इनकार, दम घुटने से मौत
👉 घटना के बाद साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश
विस्तार:
घटना ने झकझोरा पूरा राज्य
झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित कुसुंभा गांव में 13 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला अब सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। जिस घटना को पहले दुष्कर्म और बाहरी अपराधियों से जोड़कर देखा जा रहा था, वह अब अंधविश्वास और पारिवारिक साजिश का मामला बनकर सामने आई है।
शव मिलने के बाद फैला था आक्रोश
25 मार्च को गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस झाड़ी में बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की और उच्च स्तर पर निगरानी शुरू की गई।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
करीब छह दिनों की जांच के बाद पुलिस ने प्रेस वार्ता कर खुलासा किया कि इस हत्या में किसी बाहरी अपराधी की भूमिका नहीं थी, बल्कि यह परिवार के भीतर रची गई साजिश थी।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि बच्ची की मां अपने बेटे की बीमारी को लेकर परेशान थी और इसी दौरान वह एक कथित भगतिन के संपर्क में आई। भगतिन ने उसे विश्वास दिलाया कि “कुंवारी लड़की की बलि” देने से समस्याएं दूर हो जाएंगी। इसी अंधविश्वास के चलते मां ने अपनी ही बेटी को मौत के लिए चुन लिया।
साजिश में शामिल अन्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, इस साजिश में एक अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी, जो महिला का परिचित था। तीनों ने मिलकर योजना बनाई और रामनवमी की रात वारदात को अंजाम दिया।
कैसे दिया गया घटना को अंजाम
बताया गया कि बच्ची को पूजा के बहाने मंदिर ले जाया गया, जहां उसे तैयार किया गया। इसके बाद बांसबाड़ी में ले जाकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दुष्कर्म की बात सामने नहीं आई।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की थी, लेकिन जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस कार्रवाई और माहौल
पुलिस ने मां, कथित भगतिन और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश है, वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि अंधविश्वास के खतरनाक रूप को भी उजागर करती है, जिसने एक मां को ही अपनी बेटी की जान लेने पर मजबूर कर दिया।
