मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पूर्व मंत्री और आप सचिव पर सुनवाई, कोर्ट ने गवाहों की जांच का दिया आदेश
Highlights:
- सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
• 4 हफ्ते में अहम गवाहों की जांच का निर्देश
• आलमगीर आलम और संजीव लाल 2024 से जेल में
• टेंडर कमीशन और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

विस्तार:
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप सचिव संजीव लाल को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एम.एम. सुंदरेश और न्यायाधीश एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने सुनाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द सुनवाई की दिशा में कदम उठाते हुए अहम निर्देश भी दिए।
अदालत ने जांच एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे इस मामले में चार सप्ताह के भीतर महत्वपूर्ण गवाहों की जांच पूरी करें। साथ ही, कोर्ट ने इसके बाद अगली सुनवाई की तारीख तय करने का भी निर्देश दिया है, ताकि मामले में तेजी लाई जा सके। गौरतलब है कि आलमगीर आलम और उनके आप सचिव संजीव लाल पर ग्रामीण विकास विभाग के टेंडरों में कमीशन लेने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। इसी मामले में दोनों को 2024 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जेल में हैं।
यह मामला राज्य की राजनीति में काफी चर्चित रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है।
