सिलेंडर की किल्लत से परेशान लोग एजेंसी के बाहर रात गुजारने को मजबूर, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
Highlights:
👉 बस्ती में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत
👉 लोग रात 10 बजे से लाइन में लग रहे
👉 फुटपाथ पर मच्छरदानी लगाकर सोने को मजबूर
👉 अव्यवस्थित वितरण पर उठे सवाल
👉 बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान

विस्तार
सिलेंडर के लिए सड़क पर रात
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गैस सिलेंडर की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को एजेंसी के बाहर ही रात गुजारनी पड़ रही है। लोग रात 10 बजे से ही लाइन में लगकर अपनी बारी सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
फुटपाथ बना इंतजार का ठिकाना
सिलेंडर पाने की मजबूरी में लोग चादर, बिछावन और मच्छरदानी लेकर पहुंच रहे हैं और सड़क किनारे रात बिता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी यही तस्वीर सामने आई है, जहां लोग खुले में सोते नजर आ रहे हैं।
व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस वितरण प्रणाली पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। सीमित सप्लाई और पारदर्शिता की कमी के कारण लोगों को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं और बुजुर्ग
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जिन्हें पूरी रात खुले में इंतजार करना पड़ता है। लोगों ने इसे अमानवीय स्थिति बताते हुए प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है।
बढ़ता आक्रोश
लोगों में इस स्थिति को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि आधुनिक और डिजिटल भारत के दौर में गैस सिलेंडर के लिए सड़क पर रात बिताना व्यवस्था की बड़ी विफलता है।
प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और वितरण प्रणाली को व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों को इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।
कुल मिलाकर, बस्ती में गैस संकट ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा बड़ा रूप ले सकता है।
