सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने झारखंड में बढ़ती नशे की चुनौती पर उठाए सवाल, केंद्र सरकार ने दी विस्तृत जानकारी
Highlights:
👉 राज्यसभा में ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान पर चर्चा
👉 सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने उठाया मुद्दा
👉 झारखंड में नशे की स्थिति पर सरकार से सवाल
👉 NAPDDR के तहत चल रहे प्रयासों की जानकारी
👉 सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिया जवाब

विस्तार
संसद में उठा अहम मुद्दा
राज्यसभा में ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने झारखंड में नशे की बढ़ती समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पूरक प्रश्न के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
झारखंड की स्थिति पर सवाल
डॉ. वर्मा ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (NAPDDR) के तहत झारखंड में किए जा रहे प्रयासों की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि राज्य में नशे की चुनौती से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार का विस्तृत जवाब
इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सदन में विस्तृत और संतोषजनक उत्तर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत देशभर में जागरूकता, उपचार और पुनर्वास से जुड़े कई कार्यक्रम चला रही है।
अभियान को मजबूत बनाने पर जोर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
समस्या से निपटने की दिशा में पहल
NAPDDR के तहत राज्यों को सहयोग दिया जा रहा है, जिससे नशा मुक्ति केंद्रों, जागरूकता कार्यक्रमों और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत किया जा सके।
कुल मिलाकर, राज्यसभा में उठे इस मुद्दे ने झारखंड समेत पूरे देश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने की जरूरत को रेखांकित किया है।
