हृदय गति रुकने से 73 वर्ष की उम्र में निधन, लंबे समय तक यूनियन और रेलवे सेवा में निभाई अहम भूमिका
Highlights:
👉 ईसीआरकेयू के वरिष्ठ नेता रणजीत राय का निधन
👉 73 वर्ष की उम्र में हृदय गति रुकने से मौत
👉 1974 में रेलवे सेवा में हुई थी नियुक्ति
👉 2013 में मुख्य लोको निरीक्षक पद से हुए थे सेवानिवृत्त
👉 यूनियन में शोक की लहर, नेताओं ने जताई संवेदना

विस्तार
यूनियन के वरिष्ठ नेता का निधन
धनबाद में ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) के पूर्व केंद्रीय पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेता रणजीत राय का बीती रात हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन से यूनियन और रेलवे कर्मियों के बीच शोक की गहरी लहर फैल गई है।
समर्पित सेवा का लंबा सफर
रणजीत राय की रेलवे सेवा में नियुक्ति वर्ष 1974 में हुई थी। उन्होंने अपनी ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के बल पर लंबे समय तक रेलवे में उत्कृष्ट सेवाएं दीं। विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए वे वर्ष 2013 में मुख्य लोको निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
यूनियन में अहम भूमिका
वे ईसीआरकेयू से लंबे समय तक सक्रिय रूप से जुड़े रहे और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने धनबाद शाखा-2 में करीब 10 वर्षों तक शाखा सचिव के रूप में कार्य किया, वहीं केंद्रीय कमेटी में भी 12 वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाई।
कर्मठ और जुझारू नेता के रूप में पहचान
रणजीत राय को यूनियन के कर्मठ, जुझारू और समर्पित नेताओं में गिना जाता था। उनके निधन से संगठन ने एक अनुभवी मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं मानी जा रही है।
परिवार में शोक, नेताओं ने जताई संवेदना
अपने पीछे वे पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। ईसीआरकेयू के केंद्रीय अध्यक्ष डी.के. पांडेय, महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव समेत कई नेताओं और सदस्यों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्रद्धांजलि और प्रार्थना
यूनियन के पदाधिकारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल देने की कामना की।
कुल मिलाकर, रणजीत राय का निधन न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे यूनियन और रेलवे समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
