नए मुख्यमंत्री आवास को बताया प्रशासनिक जरूरत, भाजपा पर मुद्दों से भटकाने का आरोप
Highlights
👉 सीएम आवास निर्माण पर सियासत तेज
👉 कांग्रेस ने भाजपा के बयान पर किया पलटवार
👉 “विकास को विपक्ष में फिजूलखर्ची कहना दोहरा रवैया”
👉 आवास को बताया सुरक्षा और प्रशासनिक जरूरत
👉 महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

विस्तार:
सीएम आवास पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
रांची में नए मुख्यमंत्री आवास के निर्माण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कड़ा पलटवार किया है।
“भाजपा का दोहरा चरित्र”
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा का रवैया पूरी तरह दोहरा है। जब उनकी सरकारें सत्ता में होती हैं, तब बड़े प्रोजेक्ट्स को विकास का प्रतीक बताया जाता है, लेकिन विपक्ष में आने के बाद वही काम उन्हें फिजूलखर्ची नजर आने लगता है।
प्रशासनिक जरूरत बताया आवास निर्माण
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास का निर्माण किसी व्यक्तिगत विलासिता का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जरूरत और सुरक्षा मानकों से जुड़ा मामला है। राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए आधुनिक और सुरक्षित आवास जरूरी होता है, ताकि शासन सुचारू रूप से चल सके।
भाजपा पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
सिन्हा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और गैस संकट जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
पुराने कार्यों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने यह भी कहा कि भाजपा के शासनकाल में कई निर्माण कार्यों की लागत और पारदर्शिता पर सवाल उठे थे, लेकिन उस समय आत्ममंथन नहीं किया गया। अब वही पार्टी नैतिकता की बात कर रही है, जो जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
सरकार ने दिया पारदर्शिता का भरोसा
कांग्रेस ने अंत में कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है और आगे भी जनता के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा।
