शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दिन-रात सेवा, मुक्ति सेवा संस्थान के कार्यकर्ता बने सहारा
Highlights:
👉 रामनवमी हिंसा में घायलों की सेवा में जुटे नीरज कुमार
👉 शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगातार मौजूद
👉 मरीजों की देखभाल और इलाज में कर रहे सहयोग
👉 मुक्ति सेवा संस्थान से जुड़े हैं नीरज कुमार
👉 निस्वार्थ सेवा की हर ओर हो रही सराहना

विस्तार:
संकट में सेवा का उदाहरण
हजारीबाग में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के बाद जहां कई लोग घायल हुए, वहीं इस मुश्किल समय में कुछ लोग मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मुक्ति सेवा संस्थान से जुड़े नीरज कुमार लगातार घायलों की सेवा में जुटे हुए हैं।
दिन-रात कर रहे सहयोग
नीरज कुमार अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल, इलाज में सहयोग और उनके परिजनों की हर संभव मदद कर रहे हैं। वे दिन-रात अस्पताल में मौजूद रहकर जरूरतमंदों को सहायता पहुंचा रहे हैं, जिससे मरीजों को काफी राहत मिल रही है।
मानवता की मिसाल
ऐसे समय में जब घायलों और उनके परिवारों को सहारे की जरूरत होती है, नीरज कुमार का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आया है। उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण की हर ओर सराहना हो रही है।
लोगों ने जताई प्रशंसा
अस्पताल में मौजूद लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी नीरज कुमार के कार्यों की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि इस तरह की सेवा भाव से ही समाज में एकता और मानवता की भावना मजबूत होती है।
हजारीबाग की इस घटना के बीच नीरज कुमार का यह प्रयास यह दिखाता है कि कठिन समय में भी सेवा और संवेदनशीलता सबसे बड़ी ताकत होती है।
