प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार को घेरा, 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
Highlights:
👉 हजारीबाग घटना पर BJP का सरकार पर बड़ा हमला
👉 आदित्य साहू बोले—कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
👉 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो मशाल जुलूस का ऐलान
👉 30 मार्च को हजारीबाग बंद की चेतावनी
👉 असम दौरे को लेकर भी CM हेमंत सोरेन पर निशाना

विस्तार:
झारखंड की सियासत में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर घमासान तेज हो गया है। हजारीबाग की घटना को लेकर बीजेपी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है और आंदोलन का ऐलान भी कर दिया है। रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद बने झारखंड की स्थिति आज बेहद चिंताजनक हो गई है और राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
हजारीबाग घटना पर कड़ा बयान:
आदित्य साहू ने हजारीबाग के विष्णुगढ़ के कुसुंबा गांव की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक मासूम बच्ची के साथ अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की विफलता को दर्शाती हैं।
सरकार और पुलिस पर सवाल:
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के मन में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है और पुलिस अपराध रोकने के बजाय अन्य गतिविधियों में उलझी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि चार दिन तक पीड़ित परिवार की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा, जो सरकार की संवेदनहीनता को दिखाता है।
आंदोलन की चेतावनी:
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो पार्टी हजारीबाग के सभी प्रखंडों में मशाल जुलूस निकालेगी। इसके साथ ही 30 मार्च को पूरे हजारीबाग बंद का आह्वान भी किया गया है। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग भी उठाई।
असम दौरे पर भी निशाना:
आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है, तो सरकार को पहले यहां की स्थिति सुधारनी चाहिए। इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
