मतदाता सत्यापन अंतिम चरण में, लाखों लोगों को जल्द पूरा करना होगा प्रोसेस
Highlights:
👉 झारखंड में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में SIR की संभावना
👉 मतदाता सत्यापन अंतिम चरण में, अधिकारियों को सख्त निर्देश
👉 2.66 करोड़ में से करीब 1.95 करोड़ का सत्यापन पूरा
👉 कई मतदाताओं का वेरिफिकेशन अभी बाकी
👉 SIR लागू होने के बाद प्रक्रिया होगी ज्यादा सख्त

विस्तार:
झारखंड में मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने की दिशा में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, अप्रैल के दूसरे सप्ताह में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की जा सकती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय इसको लेकर सक्रिय है और सभी जिलों को तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यभर में चुनावी मशीनरी युद्ध स्तर पर काम कर रही है। सभी जिलों के अधिकारियों और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को मार्च के अंत तक सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि SIR लागू होने से पहले मतदाता सूची को अपडेट किया जा सके।
अब तक कितना हुआ सत्यापन:
राज्य में कुल करीब 2 करोड़ 66 लाख मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 1 करोड़ 95 लाख मतदाताओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। वहीं बड़ी संख्या में मतदाताओं का वेरिफिकेशन अभी भी बाकी है, जिसे जल्द पूरा करना जरूरी है।
किन मतदाताओं पर खास फोकस:
प्रशासन खासतौर पर उन मतदाताओं पर ध्यान दे रहा है, जिन्होंने 2003 की मतदाता सूची के आधार पर अब तक सत्यापन नहीं कराया है या जिनके दस्तावेज अपडेट नहीं हैं। ऐसे लोगों को जल्द से जल्द अपनी जानकारी सत्यापित कराने की सलाह दी गई है।
SIR लागू होने के बाद क्या बदलेगा:
फिलहाल सत्यापन प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन SIR लागू होने के बाद यह काफी सख्त और जटिल हो जाएगी। मतदाताओं को पुख्ता दस्तावेजी प्रमाण देने होंगे और दस्तावेज नहीं होने पर नाम कटने का खतरा भी रहेगा।
प्रशासन की अपील:
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना मतदाता सत्यापन पूरा करें, आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
