Wednesday, March 25, 2026
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रेलवे के नए नियम लागू: टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग में बड़ा बदलाव

अब 72 घंटे पहले कैंसिल करने पर राहत, बोर्डिंग स्टेशन ट्रेन से 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे यात्री

Highlights:

👉 टिकट कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव
👉 72 घंटे पहले कैंसिल करने पर कम शुल्क
👉 ट्रेन से 8 घंटे पहले तक मिलेगा रिफंड
👉 बोर्डिंग स्टेशन 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे यात्री
👉 दलालों और एजेंटों पर सख्ती की तैयारी

विस्तार:

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग पॉइंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इन नए नियमों से जहां यात्रियों को ज्यादा लचीलापन मिलेगा, वहीं दलालों पर भी लगाम लगाने की कोशिश की गई है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये बदलाव सिस्टम को पारदर्शी बनाने और आम यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से किए गए हैं।

टिकट कैंसिलेशन के नए नियम:
नए नियमों के तहत अब यात्री ट्रेन छूटने से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो उन्हें कम शुल्क देना होगा और अधिकतम 25% किराया ही काटा जाएगा। इसके अलावा ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक रिफंड मिल सकेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। वहीं 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर करीब 50% राशि वापस मिलेगी।

दलालों पर सख्ती:
रेल मंत्री के अनुसार, एजेंट और दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और आखिरी समय पर कैंसिल कर देते थे, जिससे आम यात्रियों को परेशानी होती थी। नए नियमों से टिकटों की “कॉर्नरिंग” पर रोक लगेगी, कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने में राहत:
अब यात्री अपनी सुविधा के अनुसार ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही सीमित थी। यह बदलाव IRCTC वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रेलवे काउंटर के जरिए किया जा सकता है। हालांकि एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की अनुमति नहीं होगी।

कब मिलेगा पूरा रिफंड:
कुछ विशेष परिस्थितियों में यात्रियों को पूरा रिफंड मिलेगा। जैसे ट्रेन कैंसिल होने पर, ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर या चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रहने पर यात्री TDR फाइल कर पूरा पैसा वापस ले सकते हैं।

कब से लागू होंगे नियम:
रेलवे के ये नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को धीरे-धीरे नई व्यवस्था का लाभ मिल सके।

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