Tuesday, March 24, 2026
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मोकामा विधायक अनंत सिंह को जमानत: 4 महीने बाद जेल से रिहाई, बिहार की सियासत गरमाई

हत्याकांड मामले में हाई कोर्ट से राहत, बाहर आते ही बोले—“साजिश के तहत फंसाया गया”

Highlights:

👉 दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को जमानत
👉 करीब 4 महीने बाद पटना के बेऊर जेल से रिहाई
👉 हाई कोर्ट ने 19 मार्च को दी थी राहत
👉 रिहाई के बाद खुद को बताया निर्दोष
👉 मोकामा में समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

विस्तार:

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जमानत मिल गई है। करीब चार महीने तक जेल में रहने के बाद अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।

पटना हाई कोर्ट ने 19 मार्च को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राहत दी थी। इसके बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने पर उन्हें पटना के बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया।

हाई कोर्ट से मिली राहत:
अनंत सिंह को जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में समर्थक जेल के बाहर जुटे और अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी की।

“हम निर्दोष हैं”—अनंत सिंह:
जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि घटना के समय वे मौके से करीब चार किलोमीटर दूर थे और उन्हें साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है। उनके इस बयान के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

मोकामा में जश्न का माहौल:
रिहाई के बाद जब अनंत सिंह अपने क्षेत्र मोकामा पहुंचे, तो समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। आतिशबाजी की गई, फूल-मालाओं से अभिनंदन हुआ और बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में जुटे। उनके आवास पर भी लोगों का तांता लगा रहा और पूरे इलाके में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला।

चार महीने बाद मिली राहत:
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह पिछले करीब चार महीनों से जेल में बंद थे। इस दौरान उनके समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे। जमानत मिलने के बाद उन्हें फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है।

सियासत में बढ़ी हलचल:
अनंत सिंह की रिहाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया पर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले के कानूनी और राजनीतिक दोनों पहलू अहम रहेंगे।

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