कर्मचारियों, पेंशनरों और आश्रितों को बड़ी राहत, महंगे इलाज की चिंता होगी कम
Highlights
- कोल इंडिया ने कैंसर इलाज को लेकर लिया बड़ा फैसला
- अब इलाज का खर्च “Actual Basis” पर किया जाएगा रिइम्बर्स
- टाटा मेमोरियल और नेशनल कैंसर सेंटर में विशेष सुविधा
- कर्मचारियों के साथ पेंशनरों और आश्रितों को भी लाभ
- इलाज के सभी चरणों का खर्च कंपनी उठाएगी

विस्तार
नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए एक बड़ी राहत भरा फैसला लिया है।
कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज का पूरा खर्च वास्तविक आधार (Actual Basis) पर वहन किया जाएगा।
इस फैसले से हजारों कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
बड़े अस्पतालों में मिलेगा बेहतर इलाज
नई व्यवस्था के तहत मुंबई का टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल नेशनल कैंसर सेंटर जैसे प्रमुख संस्थानों में इलाज कराने पर पूरा खर्च कंपनी उठाएगी। ये संस्थान देश और एशिया के सबसे प्रतिष्ठित कैंसर उपचार केंद्रों में शामिल हैं, जिससे कर्मचारियों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
इलाज के हर चरण का खर्च शामिल
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत इलाज के सभी जरूरी चरणों को कवर किया जाएगा
- डॉक्टर कंसल्टेशन
- जांच और टेस्ट
- MRI, CT Scan जैसी इमेजिंग
- कीमोथेरेपी
- रेडिएशन थेरेपी
- सर्जरी और अन्य प्रक्रियाएं
इससे मरीज और उनके परिवार को इलाज के दौरान आर्थिक चिंता से राहत मिलेगी।
शर्तों के तहत मिलेगा लाभ
हालांकि, इस सुविधा के लिए कुछ नियम भी तय किए गए हैं
- इलाज टाटा मेमोरियल द्वारा प्रमाणित होना चाहिए
- ऑन्कोलॉजी प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार जरूरी
- निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही भुगतान होगा
इन शर्तों का उद्देश्य बेहतर और मानक इलाज सुनिश्चित करना है।
पेंशनरों और परिवारों को भी फायदा
यह योजना केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है।पेंशनर उनके आश्रित भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, खासकर वे जो CPRMSE योजना के तहत आते हैं।
