Friday, March 20, 2026
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झारखंड में मिला 227 किलो का जिंदा अमेरिकी बम, स्वर्णरेखा किनारे सनसनी; सेना की टीम करेगी निष्क्रिय

बहरागोड़ा के नागुड़ साई में बालू के नीचे दबा मिला ‘AN-M64 500 LB’ बम, सैकड़ों मीटर तक तबाही मचाने की क्षमता

Highlights

  • पूर्वी सिंहभूम में 227 किलो का जिंदा बम बरामद
  • स्वर्णरेखा नदी किनारे बालू में दबा मिला विस्फोटक
  • बम पर “AN-M64 500 LB” कोड, अमेरिकी निर्माण की आशंका
  • बम निरोधक दस्ते ने बताया—बेहद खतरनाक और एक्टिव
  • सेना/वायुसेना के विशेषज्ञों से मांगी गई मदद
  • अवैध बालू खनन के दौरान मजदूरों को मिला बम
  • विस्फोट होने पर बड़े इलाके में तबाही की आशंका

विस्तार

पूर्वी सिंहभूम (झारखंड)। जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानी पड़ा नागुड़ साई इलाके में स्वर्णरेखा नदी के किनारे एक 227 किलो वजनी जिंदा बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह बम बालू और मिट्टी के नीचे दबा हुआ था, जिसे अवैध बालू खनन के दौरान मजदूरों ने देखा। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को मिली, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

‘AN-M64 500 LB’—अमेरिकी बम होने की आशंका

मिले बम पर “AN-M64 500 LB” जैसे कोड अंकित हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह अमेरिकी निर्माण का बम है। आकार में यह एलपीजी सिलेंडर जितना बड़ा और अत्यधिक भारी है, जो इसे और भी खतरनाक बनाता है।

जिंदा और अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक

बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद पुष्टि की है कि यह अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) है, यानी यह अभी भी जिंदा और सक्रिय है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे सामान्य तरीके से निष्क्रिय करना संभव नहीं है और इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी।

सेना और वायुसेना से मांगी गई मदद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना के विशेषज्ञों से संपर्क किया गया है। बताया जा रहा है कि सेना की विशेष टीम ही इस बम को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर सकेगी।

इलाके को किया गया सील

सुरक्षा एजेंसियों ने बम मिलने वाले पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और वहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे—

  • बम के पास न जाएं
  • किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें

कैसे पहुंचा इतना बड़ा बम?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना भारी और खतरनाक बम इस इलाके तक कैसे पहुंचा? कुछ विशेषज्ञ इसे द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अवशेष मान रहे हैं, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

बड़ा हादसा टल गया

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि यह बम विस्फोट कर जाता तो कई सौ मीटर तक भारी तबाही मच सकती थी। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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