गिरिडीह के बक्सीडीह (सिद्धाटांड़) में श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीओ को सौंपा आवेदन
Highlights:
- बक्सीडीह श्मशान भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
- श्मशान भूमि संरक्षण संघर्ष समिति ने प्रशासन से की शिकायत
- एसडीओ को लिखित आवेदन सौंपकर जांच की मांग
- 2025 में जमीन का सीमांकन होने के बावजूद कब्जे का आरोप
- अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

विस्तार
श्मशान भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
गिरिडीह के बक्सीडीह (सिद्धाटांड़) स्थित श्मशान भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों और बक्सीडीह श्मशान भूमि संरक्षण संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
एसडीओ को सौंपा गया लिखित आवेदन
समिति के अध्यक्ष बिनोद राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में बताया गया है कि बक्सीडीह स्थित श्मशान भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
2025 में दर्ज हुई थी श्मशान घाट की जमीन
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 में प्लॉट संख्या 1, खाता संख्या 7, थाना नंबर 195, रकवा 60.50 गैर मजरूआ खास जमीन को श्मशान घाट के रूप में दर्ज किया गया था। लेकिन वर्तमान में इस जमीन के एक हिस्से पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप लगाया गया है।
सीमांकन के बावजूद कब्जे की कोशिश
समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2025 में संबंधित जमीन की नापी-नक्शा कर सीमांकन भी किया गया था। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिससे श्मशान भूमि की मूल संरचना प्रभावित हो रही है।
अतिक्रमण हटाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण हटाया जाए और श्मशान भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
कई ग्रामीण रहे मौजूद
इस दौरान सुखदेव दास, सुरेश पासवान, सुधीर राणा, सुरेश राय, राजू शर्मा, दीपक दास, जुगल राय, बिरजू राय, रूपेश दास, चंदन दास, रामदेव राणा और सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
