कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मीडिया को किया संबोधित; झारखंड-टाटा साझेदारी पर जोर
Highlights
- मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई संयुक्त प्रेस वार्ता
- टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टाटा स्टील के MD टी.वी. नरेंद्रन रहे मौजूद
- मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को झारखंड की औद्योगिक पहचान बताया
- टाटा समूह ने स्टील सेक्टर में वैश्विक नेतृत्व की बात दोहराई
विस्तार
राजधानी रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन तथा टाटा स्टील के सीईओ सह मैनेजिंग डायरेक्टर टी.वी. नरेंद्रन ने संयुक्त रूप से मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
यह संवाद झारखंड और टाटा समूह के बीच ऐतिहासिक संबंधों तथा भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि टाटा समूह झारखंड ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि टाटा समूह की औद्योगिक यात्रा की शुरुआत झारखंड की धरती से हुई थी और यह संबंध आज भी उतना ही मजबूत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है तथा टाटा समूह जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है।
टाटा समूह का पक्ष
टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा स्टील कंपनी स्टील सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि टाटा समूह भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है।टाटा स्टील के सीईओ टी.वी. नरेंद्रन ने भी झारखंड में उद्योग विस्तार और तकनीकी नवाचार को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।
झारखंड और टाटा का ऐतिहासिक रिश्ता
झारखंड की औद्योगिक पहचान में टाटा समूह की अहम भूमिका रही है। जमशेदपुर सहित कई औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के आर्थिक विकास में समूह का बड़ा योगदान रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच यह संवाद भविष्य में नए निवेश और रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
