ब्लैक बॉक्स अब तक बरामद नहीं, दुर्घटना के कारणों पर सस्पेंस; परिजनों के साथ लोक भवन पहुंचे प्रतिनिधि
विस्तार
चतरा में हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स अब तक बरामद नहीं हो सका है, जिसके कारण उड़ान से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और हादसे के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पा रहा है।
ब्लैक बॉक्स नहीं मिलने की खबर के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
इसी कड़ी में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो मृतक के परिजनों के साथ शुक्रवार को लोक भवन, रांची पहुंचे। उन्होंने महामहिम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी साझा की।
देवेंद्र नाथ महतो ने उड्डयन कंपनी की संभावित लापरवाही और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
राज्यपाल ने जताई संवेदना
महामहिम राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मामले में समुचित एवं आवश्यक कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में मृतक संजय कुमार साव के भाई सीताराम कुमार, देवेंद्र नाथ महतो, प्रदीप महतो, लोकेश महतो और गणेश कुमार शामिल थे।
23 फरवरी को हुआ था भीषण हादसा
ज्ञात हो कि 23 फरवरी 2026 को रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस चतरा जिले के कसरिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में
- 2 पायलट
- 1 डॉक्टर
- 1 पैरामेडिक
- 2 अटेंडेंट
- 1 मरीज
कुल 7 लोगों की मौत हो गई थी।
मृतक मरीज संजय कुमार साव (41 वर्ष) लातेहार जिले के चंदवा के निवासी थे। 16 फरवरी को शॉर्ट सर्किट की घटना में गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बेहतर उपचार के लिए उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
जांच पर सबकी नजर
फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।
