गिद्धौर थाना क्षेत्र के गांगपुर जंगल के पास दर्दनाक हादसा; एक महिला गंभीर, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर
Highlights
- तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार को रौंदा
- जांगी गांव निवासी 25 वर्षीय सौरभ पंडित की मौत
- शादी समारोह में जा रहे थे युवक
- उसी हाईवा की चपेट में एक और बाइक सवार, पहचान बाकी
- कंचन देवी गंभीर, हजारीबाग रेफर
- इलाके में आक्रोश, हाईवा पर नियंत्रण की मांग

विस्तार
चतरा। जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगपुर जंगल के पास शुक्रवार को तेज रफ्तार हाईवा ने कहर बरपा दिया। अनियंत्रित वाहन ने बाइक सवार युवक को रौंद डाला, जिससे जांगी गांव निवासी 25 वर्षीय सौरभ पंडित की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सौरभ किसी रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उनका सफर मौत में तब्दील हो गया।
एक और युवक की भी गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसी अनियंत्रित हाईवा ने घटनास्थल पर एक अन्य मोटरसाइकिल सवार को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। शव को चतरा सदर अस्पताल लाया गया है।
एक महिला गंभीर
हादसे में घायल कंचन देवी को गंभीर अवस्था में बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हाईवा चालक की तलाश जारी है।
हाईवा से बढ़ते हादसे
चतरा में हाईवा जैसे भारी वाहनों से जुड़े बढ़ते सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं। लोगों का कहना है कि ये वाहन सड़कों पर मानो “मौत बनकर” दौड़ रहे हैं और आए दिन किसी न किसी परिवार को दर्द दे रहे हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के पीछे स्थानीय नागरिक प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है, वाहनों की नियमित फिटनेस और कागजात की जांच नहीं होती, और कई चालक खुलेआम ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं। इन कारणों से सड़कें असुरक्षित होती जा रही हैं और जानलेवा हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
उठते सवाल
चतरा की सड़कों पर लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब तक ये सड़कें दुर्घटनाओं की गवाह बनती रहेंगी? खासकर हाईवा जैसे भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और लापरवाही पर सख्त नियंत्रण कब लगाया जाएगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को अब सिर्फ कार्रवाई का भरोसा नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कदम उठाने होंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन आखिर कब पूरी तरह सतर्क और सक्रिय होगा?
घटनाओं से आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, तय रूट और समय सीमा लागू की जाए तथा सड़कों पर स्पीड कंट्रोल उपाय, चेतावनी संकेत और नियमित जांच अभियान शुरू किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके।
