उपायुक्त की तस्वीर का दुरुपयोग, नागरिकों से सतर्क रहने और जानकारी साझा न करने की अपील
Highlights
- हजारीबाग उपायुक्त के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई
- DC की फोटो का किया गया दुरुपयोग
- जिला प्रशासन ने आईडी को अवैध बताया
- नागरिकों से लेन-देन और बातचीत से बचने की अपील
- संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर थाना को देने की सलाह
खबर विस्तार
हजारीबाग। जिला प्रशासन, हजारीबाग के संज्ञान में आया है कि उपायुक्त (DC) हजारीबाग की तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आईडी पूरी तरह अवैध और भ्रामक है तथा इसका जिला प्रशासन से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है।
नागरिकों से विशेष अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लोग किसी भी फर्जी फेसबुक आईडी या संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट से बातचीत न करें। इसके साथ ही ऐसे अकाउंट्स के माध्यम से होने वाले किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन से बचें और अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर सेल या नजदीकी थाने को दें।
साइबर सतर्कता जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां साइबर अपराध की श्रेणी में आती हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि किसी नागरिक को किसी फर्जी आईडी से संदेश, कॉल या फ्रेंड रिक्वेस्ट प्राप्त होती है, तो वह तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दें और निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या अनुरोध पर प्रतिक्रिया न देने की अपील की है।
प्रशासन की चेतावनी
जिला प्रशासन ने उक्त फेसबुक आईडी को पूरी तरह अवैध करार दिया है और लोगों से जागरूक एवं सतर्क रहने की अपील की है।