एक्स पोस्ट में पुलिस पर सुस्ती का आरोप, DGP से की सीधी बात—जल्द गिरफ्तारी की मांग
Highlights
- बड़कागांव में बुजुर्ग दंपत्ति की निर्मम हत्या
- पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने जताया आक्रोश
- एक्स पोस्ट कर पुलिस पर उठाए सवाल
- गांव में पहले भी हुई थी सामूहिक डकैती
- DGP से फोन पर की सीधी वार्ता
- जल्द खुलासा और गिरफ्तारी की मांग

विस्तार
रांची / बड़कागांव। बड़कागांव के बाबूपाड़ा (बादम) गांव में हुए बुजुर्ग दंपत्ति के दोहरे हत्याकांड को लेकर सियासी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर घटना पर गहरा आक्रोश जताया है।
“मानवता को झकझोर देने वाली घटना”
अंबा प्रसाद ने लिखा कि शिवरात्रि की पवित्र रात में 82 वर्षीय सेवानिवृत्त CCL कर्मी एवं दिव्यांग वकील दास और उनकी पत्नी झुनियां देवी की गला रेतकर की गई हत्या ने मानवता को झकझोर दिया है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वे स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं।
घर में लूटपाट के बाद हत्या
पोस्ट में उन्होंने कहा कि घर में लूटपाट के बाद बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या की गई, जो कायरता की पराकाष्ठा है।
गांव पहले से अपराधियों के निशाने पर
उन्होंने दावा किया कि बाबूपाड़ा गांव पिछले कई महीनों से अपराधियों के निशाने पर है। उन्होंने याद दिलाया कि
- 26 दिसंबर 2025 को
- इसी गांव के 7 घरों में
- सामूहिक डकैती हुई थी
नामजद शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बढ़े।
DGP से की सीधी बातचीत
अंबा प्रसाद ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर झारखंड की DGP से फोन पर बात की है।
उन्होंने मांग की कि—
- ताजा दोहरा हत्याकांड
- दिसंबर की सामूहिक डकैती
- पंचायत समिति सदस्य मोहन महतो हत्या कांड
तीनों मामलों का अविलंब खुलासा किया जाए।
फॉरेंसिक व डॉग स्क्वायड को मिले सुराग
उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और प्रशासन को इनके आधार पर जल्द गिरफ्तारी करनी चाहिए।
न्याय तक संघर्ष जारी
पूर्व विधायक ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल नहीं बनता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जन्मदिन कार्यक्रम रद्द
पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि बड़कागांव में उनके जन्मदिन की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं के प्रति वे आभारी हैं, लेकिन इस हृदयविदारक घटना के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा जनसेवा और न्याय ही उनकी पहली प्राथमिकता है।
