संविधान बनाम शरिया की मानसिकता का लगाया आरोप, मालेगांव विवाद का जिक्र
Highlights
- भाजपा नेता शहजाद पूनावाला का बयान
- मालेगांव डिप्टी मेयर विवाद का जिक्र
- सरकारी दफ्तर में तस्वीर लगाने पर सवाल
- संविधान बनाम शरिया की मानसिकता का आरोप
- अंबेडकर, शिवाजी, गांधी की तस्वीर न होने पर टिप्पणी
- विपक्षी सोच पर उठाए सवाल
विस्तार
नई दिल्ली। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्ष और कुछ राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने मालेगांव के डिप्टी मेयर से जुड़े एक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग जुबान पर संविधान की बात करते हैं, लेकिन मन में शरिया की सोच रखते हैं।
तस्वीर विवाद पर टिप्पणी
पूनावाला ने आरोप लगाया कि संबंधित डिप्टी मेयर ने सरकारी कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई, लेकिन—
- छत्रपति शिवाजी महाराज
- डॉ. भीमराव अंबेडकर
- सरदार पटेल
- महात्मा गांधी
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
की तस्वीरें नहीं लगाईं।
मानसिकता पर सवाल
उन्होंने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि उनके आदर्श ऐसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं, जिन पर विवाद रहा है।पूनावाला ने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोगों के लिए शरिया पहले और संविधान बाद में आता है।
संविधान निर्माता का जिक्र
उन्होंने विशेष रूप से डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान निर्माता की तस्वीर तक नहीं लगाई गई, जो उनकी सोच को दर्शाता है।
