शिक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस, हर तबके को विकास से जोड़ने का दावा
Highlights
- गिरिडीह नगर निगम चुनाव में सरगर्मी तेज
- वार्ड 23 से मैदान में अलोक मिश्रा
- शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा रहा है पेशा
- विकास का स्पष्ट एजेंडा पेश
- स्वच्छता, शिक्षा, मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता
- अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का वादा

विस्तार
गिरिडीह : नगर निगम चुनाव को लेकर गिरिडीह नगर क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। मेयर और वार्ड पार्षद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित होते ही स्लम इलाकों से लेकर रिहायशी मोहल्लों तक बैठकों और जनसंपर्क का दौर तेज हो गया है।
उम्मीदवार शहर को मॉडर्न सिटी के तर्ज पर विकसित करने के वादे कर रहे हैं, हालांकि जमीनी स्तर पर जनता पुराने चेहरों और वादों से ऊब भी नजर आ रही है और इस बार नए व भरोसेमंद नेतृत्व की तलाश में है।
वार्ड 23 से अलोक मिश्रा मैदान में
इसी कड़ी में वार्ड नंबर 23 से प्रत्याशी अलोक मिश्रा ने चुनावी कमान संभाल ली है और पूरी ताकत के साथ जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा अनुभव
अलोक मिश्रा का ताल्लुक शिक्षा क्षेत्र से रहा है। वे अपने इसी अनुभव को विकास के विजन से जोड़ते हुए जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
चुनावी एजेंडा क्या है?
उनके चुनावी मेनिफेस्टो में प्रमुख रूप से
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार
- स्वच्छता अभियान को मजबूती
- बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
- सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
- हर वर्ग को विकास से जोड़ना
शामिल है।
अंतिम व्यक्ति तक विकास का दावा
अलोक मिश्रा का कहना है कि वार्ड का समग्र विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।वे इसी सोच के साथ जनता का विश्वास जीतने की कोशिश में जुटे हैं।
जनता क्या चुनेगी?
अब देखना दिलचस्प होगा कि वार्ड 23 की जनता इस बार बदलाव को मौका देती है या फिर पुराने अनुभवों पर भरोसा कायम रखती है।
