सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार की अपील—दवा सुरक्षित, प्रशिक्षित कर्मियों के सामने ही करें सेवन
Highlights
- सिविल सर्जन कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 31 दिसंबर 2026 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य
- 10–25 फरवरी तक चलेगा दवा वितरण अभियान
- कांके, सोनाहातू और तमाड़ प्रखंड में विशेष फोकस
- नाइट ब्लड सर्वे में मिले थे मरीज
- गर्भवती व 2 वर्ष से कम बच्चों को नहीं दी जाएगी दवा

विस्तार
राजधानी रांची स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार 31 दिसंबर 2026 तक फाइलेरिया के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे लेकर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
10 से 25 फरवरी तक दवा वितरण
डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि 10 फरवरी से 25 फरवरी तक फाइलेरिया रोधी दवा वितरण कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अभियान की अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
यह विशेष अभियान
- कांके
- सोनाहातू
- तमाड़
प्रखंडों में चलाया जाएगा, जहां नाइट ब्लड सर्वे के दौरान फाइलेरिया के मरीज पाए गए थे।
दवा पूरी तरह सुरक्षित
सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है।
- भोजन के बाद दवा लेने पर कोई समस्या नहीं होती
- कुछ मामलों में हल्का बुखार या सिरदर्द हो सकता है
- यह सामान्य प्रतिक्रिया मानी जाती है
उन्होंने लोगों से अपील की कि दवा प्रशिक्षित दवा प्रशासक के सामने ही सेवन करें।
किन्हें नहीं दी जाएगी दवा
अभियान के दौरान
- गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति
- गर्भवती महिलाएं
- 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे
को फाइलेरिया रोधी दवा नहीं दी जाएगी।
स्वास्थ्य टीम करेगी निगरानी
स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तीनों प्रखंडों में
- दवा वितरण
- निगरानी
- काउंसलिंग
- जागरूकता अभियान
का कार्य करेगी।
लोगों से सहयोग की अपील
अंत में सिविल सर्जन ने आम लोगों से अपील की कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करें और दवा का सेवन अवश्य करें, ताकि रांची जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
