कर्मचारी-शिक्षक-मजदूर समन्वय समिति का आयोजन, राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान
Highlights
- गिरिडीह में कर्मचारी-शिक्षक-मजदूर समन्वय समिति का कन्वेंशन
- एलआईसी कार्यालय परिसर में हुआ आयोजन
- मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि
- चार लेबर कोड के विरोध में जताई गई चिंता
- 12 फरवरी राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की अपील
- विभिन्न श्रमिक व कर्मचारी संगठनों की भागीदारी

विस्तार
गिरिडीह जिला कर्मचारी-शिक्षक-मजदूर समन्वय समिति के तत्वावधान में एलआईसी कार्यालय परिसर में चार लेबर कोड को लेकर एक कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
ये रहे विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में
- सीटू झारखंड राज्य महासचिव कॉमरेड विश्वजीत देव
- बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल महासचिव जे.सी. मित्तल
- INTUC स्टेट वाइस चेयरमैन अशोक कुमार सिंह
- बीमा कर्मचारी संघ के संगठनिक सचिव अनुराग मुर्मू
- सहायक सचिव मदन पाठक
- दुर्गा सिंह
उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता मृदुल कांति दास तथा संचालन/नेतृत्व समन्वय समिति संयोजक धर्म प्रकाश ने किया।
बुके देकर किया गया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को बुके देकर स्वागत के साथ हुई।
लेबर कोड पर जताई चिंता
धर्म प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित चार श्रम संहिताएं 1 अप्रैल 2026 से लागू की जानी हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि इनके लागू होने पर कर्मचारियों का हड़ताल जैसे मौलिक अधिकार प्रभावित हो सकता है।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का संबोधन
मुख्य अतिथि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा
- वर्तमान नीतियां कॉरपोरेट के पक्ष में बन रही हैं
- कर्मचारी, मजदूर और किसान वर्ग परेशान हैं
- सभी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा
उन्होंने 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को राज्य सरकार का नैतिक समर्थन बताया और इसे सफल बनाने की अपील की।
श्रमिक संगठनों के नेताओं के विचार
विश्वजीत देव (सीटू):
चारों लेबर कोड श्रमिक विरोधी हैं, इन्हें रद्द करने के लिए हड़ताल जरूरी है।
जे.सी. मित्तल:
बीमा कानून संशोधन बिल 2025 से विदेशी पूंजी का नियंत्रण बढ़ेगा, जिसका लाभ जनता को नहीं मिलेगा।
अशोक कुमार सिंह:
कर्मचारी एकजुट होकर ही अपनी मांगें मनवा सकते हैं—सभी संगठनों को एक मंच पर आना होगा।
हड़ताल की प्रमुख मांगें
- श्रम संहिताओं को रद्द करना
- बीमा क्षेत्र में 100% FDI वापस लेना
- मनरेगा को पुनः बहाल करना
- वर्ग 3 और 4 में भर्ती प्रक्रिया शुरू करना
संगठनों की भागीदारी
कार्यक्रम में 200 से अधिक सदस्य शामिल हुए, जिनमें बीमा कर्मचारी संघ,बेफी,सीटू,एनसीबीई,बैंक कर्मचारी संघ,लियाफी,झारखंड राजपत्रित कर्मचारी महासंघ,झारखंड कोल मजदूर यूनियन,डीवाईएफआई,बीबीएसआर यूनियन सहित कई संगठन शामिल रहे।
आयोजन में रहा इनका योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में विजय कुमार, रोशन कुमार, उमानाथ झा, राजेश कुमार, सुनील कुमार वर्मा, राजेश उपाध्याय, महेश्वरी वर्मा, महफूज अली, पंकज कुमार, संजय शर्मा, अभय कुमार, संजय गुप्ता, विजय मंडल, प्रदीप साव, कृष्ण मुरारी सिंह, मुकेश राय, शैलेन्द्र सिंह सहित एलआईसी कर्मियों और अभिकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
